UP Budget: किसानों और महिलाओं के लिए राहत, बजट में नई योजनाओं का ऐलान

UP Budget: किसानों और महिलाओं के लिए राहत, बजट में नई योजनाओं का ऐलान

उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 में किसानों, श्रमिकों और महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है. इसमें सिंचाई और कृषि ऋण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, श्रमिक कल्याण, रोजगार मिशन और महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर जोर दिया गया है. बजट का उद्देश्य प्रदेश के हर वर्ग का जीवन स्तर बेहतर बनाना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 11, 2026,
  • Updated Feb 11, 2026, 1:13 PM IST

उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 में वित्त मंत्री जी ने राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और विकास कार्यों का ऐलान किया. इस बजट का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, खासकर मजदूर, किसान और महिलाएं, को फायदा पहुंचाना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है. बजट में श्रमिक कल्याण, कृषि और सिंचाई, ऊर्जा, महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है.

श्रमिक कल्याण और रोजगार को बढ़ावा

शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए सरकार लेबर अड्डों का निर्माण कर रही है, ताकि उन्हें आराम और सुरक्षित रहने की सुविधा मिले. ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित मजदूरों की सुरक्षा के लिए अगर किसी दुर्घटना में उनकी मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता होती है तो उन्हें 2 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता होने पर 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. प्रदेश में पहली बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और शिक्षा के लिए मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया है. इसके अलावा रोजगार के इच्छुक लोगों और श्रमिकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन की स्थापना की गई है.

कृषि और सिंचाई में विकास की पहल

किसानों के लिए नलकूपों से सिंचाई के लिए 1 अप्रैल 2023 से मुफ्त बिजली आपूर्ति की जा रही है. वर्ष 2025-26 में अल्पकालिक फसली ऋण वितरण के तहत 10,257 करोड़ रुपये का ऋण 15 लाख 01 हजार किसानों को दिया गया. दीर्घकालिक ऋण के अंतर्गत 205 करोड़ रुपये 6,870 किसानों को लाभ पहुंचाया गया. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2017-2018 से 2024-2025 तक लगभग 62 लाख किसानों को 5,110 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है. खरीफ फसल के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक 2.69 लाख बीमित किसानों को 215 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 3.12 करोड़ किसानों के खातों में लगभग 94,668 करोड़ रुपये सीधे जमा किए गए.

प्रदेश कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है. गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान सर्वाधिक है. सिंचित क्षेत्र वर्ष 2016-17 में 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, जो 2024-25 में बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया. फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत हो गई है.

ऊर्जा और स्वच्छ स्रोतों का विकास

राज्य में ऊर्जा उत्पादन में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2016-17 में ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5,878 मेगावॉट थी, जो 2025-26 में बढ़कर 9,120 मेगावॉट हो गई. प्रदेश में हरित और स्वच्छ ऊर्जा के लिए 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं. इससे पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और ऊर्जा की जरूरतें पूरी होंगी.

महिलाओं को मजबूत बनाने की कोशिश

महिलाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बी.सी. सखी ने 39,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया और लगभग 107 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया. महिला सामर्थ्य योजना के तहत प्रदेश में 5 मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों का गठन किया गया, जिनमें गोरखपुर, बरेली और रायबरेली में दूध संग्रहण और विपणन कार्य शुरू हो चुका है. प्रयागराज और लखनऊ में कंपनियों का गठन प्रस्तावित है.

महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे लगभग 60,000 महिला गन्ना किसानों को लाभ मिल रहा है. सेफ सिटी परियोजना के तहत महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी रोमियों स्क्वाड की तैनाती से सार्वजनिक और कार्य स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित की गई है. नगर निगमों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है, जिससे कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित निवास स्थान उपलब्ध होगा.

मिशन शक्ति और बालिकाओं का विकास

मिशन शक्ति योजना के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं का समन्वय किया गया है, जिससे महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी बढ़ी है. मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अंतर्गत जनवरी 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं.

UP Budget 2026-27 का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाना और प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को मजबूत करना है. बेहतर सिंचाई, ऋण और बीमा सुविधाएं किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगी. महिलाओं के लिए सुरक्षा, रोजगार और वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित की गई है. मजदूरों के कल्याण और रोजगार अवसरों के विस्तार से सभी वर्गों का जीवन स्तर बेहतर होगा और प्रदेश में विकास की गति और तेज होगी.

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए 18,290 करोड़ रुपये की योजना बनाई है, जो पिछले वर्ष से 30 प्रतिशत अधिक है. प्रमुख परियोजनाएं जैसे मध्यगंगा स्टेज-2, कनहर, केन-बेतवा लिंक और भौरट बांध चल रही हैं, जिनसे 4.49 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ेगी. नलकूप निर्माण में 2100 नए नलकूप बनाए गए और 569 पुराने नलकूपों का पुनर्निर्माण हुआ, जिससे 1.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बहाल होगी और 1.43 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे. बाढ़ नियंत्रण और ड्रेन सफाई में 285 परियोजनाएं पूरी हुईं और 11,065 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई कराई गई, जिससे जलभराव कम हुआ और किसानों को खेतों में पानी की बेहतर सुविधा मिली.

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