सिंचाई और जल प्रबंधन में यूपी सरकार की पहलउत्तर प्रदेश में किसानों की मदद के लिए सरकार सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बना रही है. सिंचाई और जल संसाधन विभाग खेतों तक सही समय पर पानी पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है. इसका उद्देश्य है कि किसानों को पानी की कमी न हो, बाढ़ की समस्या कम हो और उनकी आय बढ़े. अच्छी सिंचाई से फसल भी अच्छी होती है और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 7 नई ड्रेन परियोजनाएं बनाई जाएंगी. गोण्डा, हापुड़ और मेरठ में एक-एक नई ड्रेन बनेगी. वहीं बिजनौर और बहराइच में दो-दो ड्रेन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है. इन सभी परियोजनाओं पर कुल 74.33 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. ड्रेन बनने से खेतों में जमा अतिरिक्त पानी बाहर निकल सकेगा और पानी का सही उपयोग हो पाएगा. इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलेगी और उनकी फसल को नुकसान नहीं होगा.
इन नई परियोजनाओं का उद्देश्य है कि हर खेत तक पानी पहुंचे. जब खेत में सही समय पर पानी मिलेगा तो फसल अच्छी होगी और किसान खुशहाल होंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी लक्ष्य है कि प्रदेश के हर खेत को पानी मिले.
सिर्फ नई ड्रेन बनाना ही नहीं, बल्कि पुरानी ड्रेनों की सफाई भी बहुत जरूरी है. बरसात और बाढ़ के कारण ड्रेनों में मिट्टी और गाद भर जाती है. इससे पानी का बहाव रुक जाता है और खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता. इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने 17,500 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का लक्ष्य रखा है.
अब तक 11,065 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का काम लगभग पूरा हो चुका है. बाकी काम मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा. विभाग के अधिकारी इस काम की नियमित निगरानी कर रहे हैं ताकि समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ काम पूरा हो सके.
जब ड्रेन साफ रहेंगी और नई ड्रेन बनेंगी, तो खेतों में पानी सही तरीके से आएगा और अतिरिक्त पानी भी निकल जाएगा. इससे जलभराव और बाढ़ की समस्या कम होगी. किसानों को अच्छी सिंचाई मिलेगी, फसल ज्यादा होगी और उनकी आय बढ़ेगी. इससे गांवों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा.
इस तरह उत्तर प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है, जिससे किसान और ग्रामीण दोनों को फायदा मिलेगा.
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