
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को संसद में किसान रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) के बारे में जानकारी दी. चौहान ने बताया कि अब तक कुल आठ करोड़ 47 लाख से ज्यादा किसान पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं. सरकार ने 2026-27 तक देश में ग्यारह करोड़ किसानों के किसान आईडी बनाने का लक्ष्य रखा है.
आज राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फिलहाल 19 राज्यों में किसान आईडी बनाए जा रहे हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पंजाब, ओडिशा और तेलंगाना शामिल हैं. उन्होंने यह भी बताया कि दो करोड़ 90 लाख किसानों को नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल से जोड़ा गया है.
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की कृषि नीति का मकसद किसानों की आय बढ़ाना, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और आम आदमी को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि सरकार खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने, इनपुट लागत कम करने, किसानों को उचित और लाभकारी मूल्य देने और फसल नुकसान की भरपाई करने के लिए काम कर रही है. चौहान ने कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए वरदान है. निश्चित समय सीमा के अंदर किसानों को फसल बीमा योजना का फायदा मिले, इसके लिए 2.90 करोड़ किसान आईडी को राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल से जोड़ने का काम किया गया है. टेक्नोलॉजी और डेटा आज के युग में एक बड़ी ताकत हैं. मुझे कहते हुए प्रसन्नता है कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के माध्यम से खेती के क्षेत्र में कई युवा नित नए प्रयोग कर रहे हैं. हॉर्टिकल्चर में अलग-अलग प्रयोग कर रहे हैं और अपने टैलेंट का उपयोग करके स्टार्टअप कल्चर लेकर आ रहे हैं.
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और उनकी आजीविका में सुधार लाने के लिए हमने AI के उपयोग करने का फैसला किया है. 'भारत विस्तार' प्लेटफॉर्म भी हम बना रहे हैं, जिसके माध्यम से बीज से लेकर खाद तक, दवाइयों से लेकर रोग से बचाने के उपायों तक और सरकार की योजनाओं के लाभ तक, किसान केवल सवाल पूछेगा और उसे समाधान मिल जाएगा.