Adulteration in Milk: हरियाणा में दूध-घी ही नहीं, पनीर में भी हो रही मिलावट, अफसरों की रेड में हुआ खुलासा

Adulteration in Milk: हरियाणा में दूध-घी ही नहीं, पनीर में भी हो रही मिलावट, अफसरों की रेड में हुआ खुलासा

Adulteration in Milk हरियाणा में दिसम्बर से जनवरी तक 7 शहरों में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने डेयरी प्रोडक्ट बनाने और बेचने वालों के यहां से सैम्पल लिए थे. हाल ही में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जो सैम्पल लिए गए थे उसमे से कुछ में मिलावट पाई गई है. कई ऐसे भी हैं जो मानकों को पूरा नहीं करते हैं. सरकार का कहना है कि छापेमारी अभी जारी रहेगी. 

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Adulteration in Milk: हरियाणा में दूध-घी ही नहीं, पनीर में भी हो रही मिलावट, अफसरों की रेड में हुआ खुलासाAdulterated milk racket busted in Gujarat; 1,370 litres of milk destroyed

होली से पहले हरियाणा में डेयरी प्रोडक्ट बनाने और बेचने वालों पर कार्रवाई शुरू हो गई है. हाल ही में दिसम्बर से लेकर जनवरी तक हरियाणा के कई शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई थी. पलवल, हिसार, नूंह, महेंद्रगढ़, झज्जर, रेवाड़ी और पानीपत में खाद विभाग ने छापेमारी हुई थी. हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का कहना है कि राज्य सरकार मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी. छापेमारी के दौरान दूध और घी से लेकर पनीर तक में मिलावट पाई गई है. 

इतना ही नहीं एनालॉग पनीर को डेयरी प्रोडक्ट बताकर बेचा जा रहा था. कई जगह डेयरी प्रोडक्ट के मानक आधे-अधूरे पाए गए हैं. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, हरियाणा के आयुक्त डॉ मनोज कुमार के नेतृत्व में ये छापेमारी की गई थी. दुकान और प्रोडक्ट बनाने वाली फैक्ट्रि यों से डेयरी प्रोडक्ट के सैम्पल लिए गए थे. जिनकी जांच रिपोर्ट आई तो मिलावट का खुलासा हुआ है. 

इन दुकान और फैक्ट्रि यों में हुई छापेमारी 

आयुक्त डॉ मनोज कुमार ने बताया कि सैम्पल की आई रिपोर्ट के मुातबिक कई स्थानों पर पनीर और देसी घी के नमूने फेल हुए हैं. इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है. कुछ मामलों में दुकानों को सील करने और एफआईआर दर्ज करने जैसी कार्रवाई भी की गई है.

  • पलवल में सैकुल खान पुत्र जंगी के मिल्क प्लांट में पनीर की रिपोर्ट में मानक फेल पाए गए. 
  • हिसार जिला में राधिका इंटरप्राइजेज से देसी घी के सैंपल में मानक फेल पाए गए और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाए गए. इस मामले में सुरेंद्र कुमार पुत्र रामचंद और अमित सचदेवा पुत्र सुरेंद्र कुमार की दुकान सील कर दी गई और एफआईआर भी दर्ज कराई गई है. 
  • हिसार में ही शिव कुमार पुत्र ऋषिकेश, दिनेश सिंगल पुत्र शेर सिंगल और रविंद्र पुत्र कृष्ण के इंटरप्राइजेज पर देसी घी के सैंपल के मानक फेल पाए गए और और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाए गए.
  • नूह में जकारिया खान पुत्र सहीद अहमद का देसी घी का ब्रांड गलत पाया गया. नूह में मोहम्मद सोहिल पुत्र ताहिर और ताहिर पुत्र असलम के संस्थान पर पनीर की जांच की गई जिसमें सैंपल के मानक फेल पाए गए और और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाए गए.
  • महेंद्रगढ़ में अंकित शर्मा पुत्र शिव कुमार के संस्थान एमएफजी मेसर्स परम डेयरी लिमिटेड और वितरक गुरु नानक सेल्स एजेंसी में देसी घी के सैंपल के मानक फेल पाए गए और और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाए गए.
  • महेन्द्रगढ़ में ही माई डेयरी मिल्क में देसी घी का सैंपल फेल पाया गया और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाए गए. इसे देखते हुए राधेश्याम पुत्र छोटे लाल मेसर्स सोनी सरस डेयरी तथा निर्माता मेसर्स रिद्धि सिद्धि फ़ूड प्रोडक्ट्स तोशाम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
  • झज्जर में कृष्णा देसी घी पर छापा मारा गया जिसमें देसी घी का सैंपल फेल पाया गया और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाए गए. जिसके लिए गौरव पुत्र कश्मीरी लाल, मेसर्स गौरव किराना स्टोर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
  • रेवाड़ी में डेयरी नइस शुद्ध देसी घी संस्थान पर छापा मारा गया जिसका सैंपल फेल पाया गया और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाए गए. इस आधार पर अतुल गुप्ता पुत्र कृष्ण चांद, मेसर्स अतुल एजेंसीज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
  • पानीपत में मेसर्स अंकुर डेयरी पर देसी घी का सैंपल लिया गया जो कि जांच में असुरक्षित पाया गया. इस मामले में रजत पुत्र रामपाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
  • इस पूरी कार्रवाई में 4 संस्थान के लाइसेंस और 2 के रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए गए हैं. 

सोया उत्पाद खुले में बेचना प्रतिबंधित

आयुक्त डॉ मनोज कुमार का कहना है कि बाजार में कई ऐसे प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं जो दिखने में डेयरी प्रोडक्ट जैसे होते हैं, लेकिन ये दूध से बने हुए नहीं होते हैं. असल में ये प्रोडक्ट सोया पाउडर और वनस्पति (रिफाइंड) से प्राप्त तेल और रसायनों से बने होते हैं. खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और उसके तहत आने वाले नियमों के आधार पर ऐसा करना अपराध है. नियमों के मुताबिक सोया उत्पादों को खुले रूप में बेचना प्रतिबंधित है.

सोया उत्पादों, वनस्पति, रिफाइंड तेल और अन्य रसायनों से तैयार उत्पादों को पनीर, घी के नाम से बेचने वाले सभी निर्माताओं पर मुकदमा चलाया जाएगा. लाइसेंस भी कैंसिल किए जा सकते हैं. अगर पनीर, घी और किसी अन्य खाद्य उत्पाद का नमूना दूसरी बार निम्न गुणवत्ता का और असुरक्षित पाया जाता है, उस पर गलत ब्रांडिंग की गई है तो दुकान-फैक्ट्री का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया जाएगा. 

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