
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अन्नदाता किसानों के लिए एक बार फिर बड़ी राहत दी है. योगी सरकार ने किसानों को सिंचाई की सुविधा देने और वर्षा जल के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए खेत तालाब योजना को और मजबूत कर दिया है. इस योजना के तहत अब किसानों को मछली पालन, सिंघाड़ा, मखाना और मोती की खेती से लाभ होगा. वर्ष 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें किसान पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर लाभ ले सकते हैं.
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी ने बताया कि एक खेत तालाब की निर्धारित लागत ₹1,05,000 रखी गई है. इसमें सरकार ₹52,500 अनुदान के रूप में देगी, बाकी की राशि किसान को खुद वहन करनी होगी. उन्होंने बताया कि किसान को बुकिंग के समय ₹1,000 टोकन मनी भी ऑनलाइन जमा करनी होगी.
योजना का आवेदन https://agridarshan.up.gov.in पोर्टल पर किया जा सकता है. डॉ पंकज त्रिपाठी ने आगे बताया कि इस योजना में मिलने वाला अनुदान दो किस्तों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा. लेकिन यह लाभ उन्हें तभी मिलेगा जब वे अपने खेत पर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप या स्प्रिंकलर) पहले से लगवा चुके हों, या फिर इसका त्रिपक्षीय अनुबंध आवेदन के साथ जमा करें.
वहीं तालाब बनवाने वाले किसानों को 50% का अनुदान मिलेगा. यह सुविधा केवल उन्हीं किसानों को दी जाएगी, जिन्होंने पहले से सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित कर ली है और खेत तालाब का निर्माण भी पूरा कर लिया है. किसान अपने जनपद के कृषि विभाग कार्यालय से योजना की पूरी जानकारी ले सकते हैं. आवेदन करने से लेकर अनुदान मिलने तक की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और ऑनलाइन होंगी.
कृषि निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी के मुताबिक, इस योजना का मुख्य उद्देश्य जल संकट को दूर करना, सिंचाई की लागत घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हर साल सूखे और असमय बारिश की वजह से किसानों को नुकसान होता है. खेत तालाब जैसी योजनाएं किसानों को जल संरक्षण के साथ-साथ स्मार्ट खेती की ओर बढ़ने में मदद करती हैं.
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