
केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, राज्य सरकार के मंत्रियों और केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवराज सिंह चौहान ने खेती, ग्रामीण विकास, महिला स्वयं सहायता समूहों, आवास, कृषि अनुसंधान और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े फैसलों की घोषणा की. उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य विकसित पश्चिम बंगाल के बिना पूरा नहीं हो सकता और केंद्र सरकार राज्य के विकास के लिए हरसंभव मदद करेगी.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बड़े पैमाने पर जोड़ा जाएगा, ताकि प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके. उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का दायरा बढ़ाने के लिए गांव-गांव विशेष शिविर लगाए जाएंगे.
नाबार्ड और बैंकों की मदद से अधिक से अधिक किसानों को सस्ता संस्थागत लोन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि साहूकारों पर निर्भरता कम हो सके. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, पीएम धन-धान्य कृषि योजना, डिजिटल एग्रीटेक और पोषण संवर्धन जैसी योजनाओं को भी राज्य में तेजी से लागू किया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मालदा जैसे फल उत्पादक क्षेत्र को क्लीन प्लांट प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा. इसके तहत आम, लीची और अन्य फलों के लिए रोगमुक्त और हाई क्वालिटी वाले पौधे तैयार किए जाएंगे, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और एक्सपोर्ट क्वालिटी वाले फल मिल सकेंगे. उन्होंने बताया कि बड़ी नर्सरियों को 3 करोड़ रुपये और मध्यम नर्सरियों को 1.5 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी.
उन्होंने यह भी घोषणा की कि पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत के सीड हब के रूप में विकसित किया जाएगा. आलू बीज, हाइब्रिड मक्का बीज और अन्य फसलों के क्वालिटी वाले बीज उत्पादन के लिए राज्य सरकार के साथ समझौते किए गए हैं. इसके अलावा चावल, मक्का और ऑर्किड आधारित वैल्यू चेन विकसित करने, स्टोरेज, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर खास प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे, ताकि किसानों को बेहतर बाजार और ज्यादा इनकम हासिल हो सके.
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत पश्चिम बंगाल के महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को कुल 295 करोड़ रुपये की मदद दी जाएगी. इसमें 245 करोड़ रुपये का बैंक लोन और 50 करोड़ रुपये का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड शामिल है. उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं को उत्पादन, प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिलेगी और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी.
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल के लिए 8,508 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है. राज्य सरकार के हिस्से को मिलाकर कुल संसाधन 12,064 करोड़ रुपये से अधिक होंगे, जिन्हें पंचायतों के माध्यम से गांवों के विकास और रोजगार सृजन पर खर्च किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि 125 दिन तक रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना है. उन्होंने VB-G RAM G अधिनियम 2025 का भी उल्लेख किया, जो 1 जुलाई से लागू हो चुका है. यह कानून ग्रामीण रोजगार और आजीविका के लिए नया राष्ट्रीय ढांचा उपलब्ध कराएगा. इसके तहत गांवों में सड़क, तालाब, छोटे सिंचाई ढांचे, स्कूल और आंगनबाड़ी भवन जैसी टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पश्चिम बंगाल के लिए 1 लाख ग्रामीण मकानों की अंतरिम मंजूरी दी गई है. उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण लाभार्थियों का सर्वे समय पर पूरा नहीं हो सका, इसलिए सर्वे की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी गई है.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे और फिजिकल वेरिफिकेशन का काम एक साथ तेजी से पूरा किया जाए. पात्र लाभार्थियों की पहचान होते ही मकानों का आवंटन बिना देरी के किया जाए ताकि जरूरतमंद परिवारों को जल्द पक्का घर मिल सके.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों और वैज्ञानिकों के सहयोग से पश्चिम बंगाल के लिए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है. इसमें मिट्टी, जल, जलवायु और स्थानीय संसाधनों के आधार पर फसल योजना बनाई जाएगी. उन्होंने बताया कि चावल अनुसंधान केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा ताकि राज्य धान, आलू और मक्का उत्पादन में अनुसंधान आधारित मॉडल बन सके.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे, मेट्रो और पाइपलाइन सहित विभिन्न क्षेत्रों में 82 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित कई परियोजनाओं की बाधाएं दूर कर उन्हें मंजूरी दी गई है. अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का प्रयास करेंगी ताकि लोगों को जल्द लाभ मिल सके.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी. उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब पश्चिम बंगाल भी विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे. कृषि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से राज्य को तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा.