महाराष्ट्र के 56 लाख किसानों को बड़ी राहत, कर्जमाफी योजना में CM फडणवीस ने किया बड़ा बदलाव

महाराष्ट्र के 56 लाख किसानों को बड़ी राहत, कर्जमाफी योजना में CM फडणवीस ने किया बड़ा बदलाव

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि कर्जमाफी योजना में अहम बदलाव किया है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि कर्जमाफी योजना' के तहत राज्य के करीब 56 लाख किसानों को लाभ मिलेगा.

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  • Noida,
  • Jul 11, 2026,
  • Updated Jul 11, 2026, 10:11 AM IST

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि कर्जमाफी योजना में अहम बदलाव किया है. दरअसल, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घोषणा की है कि अब किसानों को कर्जमाफी का लाभ लेने के लिए 2 लाख रुपये से अधिक बकाया न होने की शर्त लागू नहीं रहेगी. इस फैसले से हजारों ऐसे किसानों को राहत मिलेगी, जो पहले सिर्फ इस शर्त के कारण योजना से बाहर हो गए थे. साथ ही सरकार ने योजना के तहत बकाया कर्ज की कट-ऑफ अवधि भी बढ़ाकर 2026-27 तक कर दी है.

56 लाख किसानों को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि कर्जमाफी योजना' के तहत राज्य के करीब 56 लाख किसानों को लाभ मिलेगा. सरकार का दावा है कि इस योजना के जरिए किसानों को कुल 36 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी. उन्होंने विपक्ष के उस आरोप को भी खारिज किया कि योजना का लाभ सीमित किसानों तक ही पहुंचेगा.

खत्म हुई 2 लाख रुपये की सीमा

CM फडणवीस ने बताया कि वर्ष 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले कृषि कर्जमाफी योजना में पात्रता के लिए यह शर्त थी कि किसान पर 2 लाख रुपये तक का ही बकाया लोन होना चाहिए. यदि किसी किसान का कर्ज 2 लाख रुपये से सिर्फ 1 रुपये भी अधिक होता था, तो वह पूरी योजना से बाहर हो जाता था. अब सरकार ने इस शर्त को समाप्त कर दिया है. यानी जिन किसानों का बकाया लोन अधिक था और जो पहले योजना से वंचित रह गए थे, उन्हें भी अब 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ मिलेगा.

कट-ऑफ अवधि भी बढ़ाई गई

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यह योजना 2025-26 तक के बकाया लोन पर लागू थी. अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 2026-27 तक कर दिया है. इससे हाल के वर्षों में आर्थिक संकट झेल रहे किसानों को भी राहत मिलेगी. सीएम फडणवीस ने कहा कि कर्जमाफी का उद्देश्य किसानों को अमीर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें दोबारा बैंकों से लोन लेने योग्य बनाना है. उन्होंने कहा कि यदि किसानों को समय पर राहत नहीं मिलेगी तो वे निजी साहूकारों के चंगुल में फंस सकते हैं, इसलिए सरकार ने किसानों के हित में यह फैसला लिया है.

सरकार पहले से दे रही बड़ी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार किसानों के लिए पहले से ही कई योजनाओं पर बड़ा खर्च कर रही है. हर साल लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी दी जा रही है. कृषि विभाग की अलग-अलग योजनाओं पर करीब 95 हजार करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है. सरकार आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र के लिए पहले 20 हजार करोड़, फिर 22 हजार करोड़ और उसके बाद 25 हजार करोड़ रुपये तक सहायता देने की योजना बना रही है.

बार-बार कर्जमाफी पर भी जताई चिंता

सीएम फडणवीस ने माना कि बार-बार कर्जमाफी देने से कुछ किसान समय पर कर्ज चुकाने से बच सकते हैं और इससे सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है. हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की मदद और बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है. उन्होंने यह भी बताया कि 2019 की महात्मा फुले योजना के तहत करीब 32 लाख किसानों को लाभ मिला था. वहीं, महाराष्ट्र उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जिसने 2017, 2020 और 2026 में बड़े स्तर पर कृषि कर्जमाफी योजनाएं लागू की हैं.

सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र से भी ली सलाह

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नई योजना को अंतिम रूप देने से पहले बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से भी विस्तृत चर्चा की गई. सरकार का मानना है कि इस बदलाव से अधिक किसानों को राहत मिलेगी, वे दोबारा संस्थागत लोन प्राप्त कर सकेंगे और खेती के लिए वित्तीय सहायता आसानी से हासिल कर पाएंगे. (PTI)

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