गुजरात के कपास किसानों को बड़ी राहत, 7500 से 14000 रुपये की मिलेगी मदद, यहां करें आवेदन

गुजरात के कपास किसानों को बड़ी राहत, 7500 से 14000 रुपये की मिलेगी मदद, यहां करें आवेदन

कपास उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय मजबूत करने के लिए गुजरात में मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी लागू किया गया है. 21 जिलों के एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को योजना में शामिल किया जाएगा. पात्र किसान i-Khedut पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर आर्थिक सहायता का लाभ उठा सकते हैं.

cotton mission incentive scheme gujaratcotton mission incentive scheme gujarat
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 11, 2026,
  • Updated Jul 11, 2026, 4:56 PM IST

गुजरात में कपास की खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार के 'मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी' के तहत राज्य को वर्ष 2026-27 के लिए 134.80 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है. इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर इनपुट सहायता दी जाएगी और आवेदन 10 जुलाई 2026 से आई खेडुत (i-Khedut) पोर्टल पर शुरू हो गए हैं. गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश में कपास उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय मजबूत करने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 'मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी' शुरू किया है. इस वर्ष गुजरात के लिए 134.80 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है. राज्य में इस योजना के तहत 21 कपास उत्पादक जिलों में एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है.

खेती के तरीके के अनुसार मिलेगी आर्थिक मदद

योजना के तहत किसानों को अपनाई गई खेती की तकनीक के आधार पर दो श्रेणियों में सहायता मिलेगी. क्लोजर स्पेसिंग टेक्नोलॉजी के तहत 90 सेंटीमीटर × 30 सेंटीमीटर की दूरी पर कपास की बुवाई करने वाले किसानों को 14,000 रुपये प्रति हेक्टेयर इनपुट सहायता दी जाएगी. 

वहीं, इंटीग्रेटेड क्रॉप मैनेजमेंट (ICM) पद्धति के तहत 90 सेंटीमीटर × 60 सेंटीमीटर की दूरी पर खेती करने वाले किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी. एक किसान एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम दो हेक्टेयर तक इस योजना का लाभ ले सकेगा.

इन शर्तों को पूरा करना होगा जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सरकार से मंजरू या प्रमाणित कपास की किस्मों या एप्रूव्‍ड बीटी कपास बीज का इस्‍तेमाल करना होगा. इसके साथ ही किसान रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) पूरी होना भी अनिवार्य रहेगा. सरकार आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए साल खास ट्रेनिंग कार्यक्रम भी आयोजित करेगी, ताकि किसान नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और उत्पादकता बढ़ा सकें.

10 जुलाई से शुरू हुए ऑनलाइन आवेदन

राज्य सरकार ने पात्र किसानों के लिए i-Khedut पोर्टल पर 10 जुलाई 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. कृषि मंत्री ने उन किसानों से समय पर आवेदन करने की अपील की है, जिन्होंने इस सीजन में 90 × 30 सेंटीमीटर या 90 × 60 सेंटीमीटर की दूरी वाली तकनीक से कपास की खेती की है या ऐसी खेती अपनाने की योजना बना रहे हैं, ताकि वे योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकें. (एएनआई)

MORE NEWS

Read more!