
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ स्थित विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान उन्होंने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, आंधी और प्रतिकूल मौसम से फसलों को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की. कृषि मंत्री ने बीमा कंपनियों को कड़े निर्देश दिए कि वे आगामी 31 मार्च तक प्रभावित जनपदों में मौके पर जाकर सर्वे का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा कर लें. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण कार्य में ढिलाई बरतने वाली कंपनियों के खिलाफ शासन स्तर पर अत्यंत सख्त विधिक कार्यवाही की जाएगी.
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह में बीमा कंपनियों द्वारा किए गए सर्वे की गहन समीक्षा की जाएगी, ताकि वास्तविक क्षति का आंकलन कर पीड़ित किसानों को राहत पहुंचाई जा सके. इस प्रक्रिया को गति देने के लिए उन्होंने मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त को भी निर्देशित किया है कि वे जिलाधिकारियों के माध्यम से सर्वे कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग कराएं.
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश के 67.52 लाख लाभान्वित किसानों को 5660.33 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की जा चुकी है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, खरीफ 2025 में 20.68 लाख किसानों का बीमा किया गया है, जिसके सापेक्ष 5.39 लाख लाभान्वित किसानों को 532.17 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वितरित की गई है. इसी प्रकार, रबी 2025-26 हेतु अब तक 18.78 लाख किसान बीमित किए जा चुके हैं, जिनमें कृषक प्रीमियम के रूप में 136.67 करोड़ रुपये तथा राज्य व केंद्र के रूप में 134.61-134.61 करोड़ रुपये का अंशदान जमा किया गया है. रबी मौसम के अंतर्गत वर्तमान में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू जैसी 8 फसलें अधिसूचित हैं.
इसके अलावा, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत भी प्रदेश सरकार बागवानी फसलों की सुरक्षा के लिए सक्रिय है. वर्ष 2017-18 से अब तक इस योजना के बीच 0.35 लाख लाभान्वित किसानों को 29.01 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है. वर्तमान खरीफ 2025 सीजन में केला, पान और मिर्च जैसी फसलों के लिए 5,671 किसान बीमित हैं, जबकि रबी 2025-26 के अंतर्गत मटर, टमाटर, शिमला मिर्च और आम की फसलों के लिए 309 किसानों का बीमा किया गया है.
मंत्री शाही ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीमा क्लेम की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि पात्र किसान को योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी भी तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े. इस अवसर पर कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी, एमडी बीज निगम टी एम त्रिपाठी, निदेशक सांख्यिकी श्रीमती सुमिता सिंह तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
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