पैडी ट्रांसप्लांटर से आसान हुई धान की रोपाई, आधी लागत में बढ़ेगा उत्पादन; किसानों को भा रही आधुनिक तकनीक

पैडी ट्रांसप्लांटर से आसान हुई धान की रोपाई, आधी लागत में बढ़ेगा उत्पादन; किसानों को भा रही आधुनिक तकनीक

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन में पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है. इससे रोपाई की लागत लगभग आधी हो रही है, मजदूरों पर निर्भरता कम हो रही है और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है. कृषि विभाग ने किसानों से आधुनिक कृषि यंत्र अपनाने की अपील की है.

धर्मेंद्र सिंह
  • Raipur ,
  • Jul 14, 2026,
  • Updated Jul 14, 2026, 4:58 PM IST

पर्याप्त बारिश होने के बाद छत्तीसगढ़ के पाटन क्षेत्र में धान की रोपाई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है. इस बीच खेती को अधिक लाभकारी और श्रम-कुशल बनाने के लिए किसान आधुनिक कृषि यंत्रों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.ग्राम उजरोड के किसान रूपेश पटेल ने पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई कर क्षेत्र के किसानों के लिए नई मिसाल पेश की है.उनकी इस पहल का निरीक्षण करने अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम गांव पहुंची और मशीन से की जा रही रोपाई का अवलोकन किया.

कृषि अधिकारियों ने किसान के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत भी कम कर सकते हैं.मशीन से हो रही धान रोपाई को देखने के लिए आसपास के किसान भी बड़ी संख्या में पहुंचे और इस तकनीक के प्रति उत्साह दिखाया.

मजदूरों की समस्या से मिली राहत

किसान रूपेश पटेल ने बताया कि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई करने से मजदूरों पर निर्भरता काफी कम हो गई है. जहां पहले रोपाई में अधिक समय और श्रमिकों की जरूरत पड़ती थी, वहीं अब कम समय में बड़े क्षेत्र की रोपाई आसानी से हो रही है. इससे खेती की लागत भी कम हुई है और समय की बचत भी हो रही है.

निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारियों ने किसान को फसल प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, सिंचाई प्रबंधन और कीट नियंत्रण संबंधी तकनीकी सलाह भी दी.

आधी लागत में होगी धान की रोपाई

अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने बताया कि पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई करने पर प्रति एकड़ लगभग 6 से 7 हजार रुपये का खर्च आता है, जबकि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन के उपयोग से यह खर्च घटकर करीब 3 हजार रुपये प्रति एकड़ रह जाता है. इससे किसानों को सीधे आर्थिक लाभ मिलता है.

उत्पादन बढ़ाने में भी कारगर

उन्होंने बताया कि मशीन से रोपाई करने पर पौधों की कतारों के बीच समान दूरी बनी रहती है, जिससे खरपतवार नियंत्रण आसान हो जाता है. इसके अलावा केवल 21 दिन की पौध की रोपाई होने से धान के पौधों में अधिक कंसे निकलते हैं, कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होता है और परिणामस्वरूप उत्पादन में बढ़ोतरी होती है.

मशीन पर मिल रहा 5 लाख रुपये का अनुदान

डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन की कीमत लगभग 14.40 लाख रुपये है.किसानों को इसे खरीदने के लिए शासन की ओर से 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है. इच्छुक किसान कृषि अभियांत्रिकी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

कृषि विभाग कर रहा जागरूक

कृषि विभाग का कहना है कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती को अधिक लाभदायक, समयबद्ध और वैज्ञानिक बनाया जा सकता है. इसी उद्देश्य से विभाग लगातार गांव-गांव जाकर किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दे रहा है और आधुनिक कृषि यंत्र अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है.

 

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