
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है. इस राहत के अंतर्गत सरकार ने किसानों के लिए लगभग 164 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है. इस साल मार्च महीने में बेमौसम बारिश से जिन किसानों की फसलें खराब हो गई थीं, उन किसानों को मुआवजे के तौर पर यह राशि दी जाएगी. महाराष्ट्र में मार्च की बारिश में अंगूर सहित कई फसलें चौपट हो गई थीं जिसके बाद किसानों ने सरकार से राहत की गुहार लगाई थी.
सोमवार को जारी एक एक्स पोस्ट में महाराष्ट्र के सूचना और राजस्व निदेशालय ने इसकी जानकारी दी. पोस्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने बेमौसम बारिश से प्रभावित फसलों के मुआवजे के लिए आदेश जारी कर दिया है. सरकारी आदेश के अनुसार, महाराष्ट्र के प्रभावित किसानों के लिए राहत राशि 1,64,83,44,000 रुपये निर्धारित की गई है. इससे प्रदेश के लाखों प्रभावित किसानों को मुआवजे के तौर पर फौरी राहत मिल सकेगी.
सरकार ने कहा है कि इस राहत पैकेज का मकसद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मार्च महीने के दौरान बारिश से प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद मुहैया कराना है. महाराष्ट्र सरकार ने इस बाबत प्रभावित किसानों को राहत राशि वितरण और आवंटन के लिए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. सरकार का यह हालिया आदेश उस प्रयास के बारे में बारे में बताता है जिसमें कृषि क्षेत्र के संकट से किसानों को उबारने का वादा किया गया है.
मार्च में 2026-27 का राज्य बजट पेश करते हुए, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के लिए एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा की थी. इस पैकेज में उन किसानों के लिए 2 लाख रुपये तक के फसल लोन की माफी शामिल है, जिन पर 30 सितंबर, 2025 तक बकाया राशि थी.
इस योजना के तहत, जिन किसानों पर 2 लाख रुपये तक का फसल लोन बकाया है, वे पूरी तरह से लोन माफी के पात्र हैं. वहीं, जिन किसानों ने समय पर अपना लोन चुका दिया है, उन्हें 50,000 रुपये तक का इंसेन्टिव मिलेगा. राज्य सरकार ने कहा था कि इस कार्यक्रम से पूरे महाराष्ट्र में लाखों किसानों को लाभ मिल सकता है.
लोन माफी के साथ-साथ, सरकार ने उन किसानों के बिजली बिल माफ करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये की राशि भी आवंटित की है, जो 7.5 हॉर्सपावर तक के वॉटर पंप का इस्तेमाल करते हैं. इसका मकसद किसानों की लागत को कम करना और ग्रामीण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है.
किसानों के लिए लाए गए ये उपाय महाराष्ट्र के वित्त वर्ष 2027 के 7.69 लाख करोड़ रुपये के बजट का एक अहम हिस्सा थे. इस बजट में ग्रामीण राहत, बुनियादी ढांचे पर खर्च और भविष्य के आर्थिक विकास पर विशेष जोर दिया गया था.
महाराष्ट्र सरकार का यह राहत पैकेज ऐसे समय में आया है, जब किसान प्राकृतिक आपदाओं और बढ़ती लागत की मार झेल रहे हैं. मुआवजा और अन्य योजनाएं मिलकर किसानों को कुछ हद तक राहत दे सकती हैं, लेकिन लंबे समय के समाधान के लिए मौसम और बाजार दोनों मोर्चों पर ठोस उपाय जरूरी होंगे.