लाडकी बहिन योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, राज्य सरकार ने अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी न करने वाले करीब 68 लाख लाभार्थियों के खाते बंद कर दिए हैं.
महाराष्ट्र सरकार की सौर कृषि पहल तेजी से आगे बढ़ रही है. सोलर कृषि फीडर योजना से लाखों किसानों को राहत मिली है और सिंचाई के लिए दिन में बिजली मिल रही है. अब सरकार योजना का दायरा बढ़ाकर ज्यादा किसानों तक पहुंचाने और बैटरी स्टोरेज सिस्टम जोड़ने की तैयारी कर रही है. जानें सीएम देंवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा...
महाराष्ट्र विधानसभा में बताया गया कि 2017 की कर्जमाफी योजना के तहत अब तक 44 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिल चुका है, जबकि 6.56 लाख पात्र किसानों के मामलों की प्रक्रिया जारी है. जानिए मंत्री ने और क्या कहा...
शहर के बीच खेती का सपना अब हकीकत बनने वाला है. मुंबई में एक फ्लाईओवर के नीचे कम्युनिटी अर्बन फार्म की तैयारी तेज है. नगर निगम के मुताबिक, स्थानीय लोग यहां खेती कर जैविक उपज उगाएंगे और शहरी जीवन में हरियाली का नया मॉडल देख पाएंगे.
Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की लाडकी बहिण योजना को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है. एनसीपी विधायक ने इसे दिवंगत अजित पवार के नाम पर रखने की मांग की है. वहीं, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी योजना को लेकर बयान दिया है.
भारी बारिश और बेमौसम मौसम से प्रभावित महाराष्ट्र के 17.29 लाख किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. 2.66 लाख करोड़ रुपये के फसल लोन की रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिली है, साथ ही लोन रिकवरी पर अस्थायी रोक और ब्याज सब्सिडी का लाभ भी दिया जाएगा.
महाराष्ट्र सरकार ने ई-क्रॉप सर्वे नहीं भर पाने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है. अब ऐसे किसान 15 जनवरी तक ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे. उपखंड स्तर पर समिति फील्ड विजिट और सत्यापन कर रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजेगी.
महाराष्ट्र में कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने आश्वासन दिया कि किसानों की किसी भी अनुदान योजना में फंड की कमी नहीं होगी और पात्र किसानों को लाभ जरूर मिलेगा. 47 लाख आवेदनों में से 10 लाख पात्र पाए गए हैं. सरकार ने कृषि समृद्धि योजना के लिए पांच वर्षों तक हर साल 5,000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.
महाराष्ट्र ने एक महीने में 45,911 सोलर पंप लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. छत्रपति संभाजीनगर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रमाणपत्र मिला. किसानों ने बताया कि सोलर पंप से सिंचाई आसान हुई और बिजली पर निर्भरता खत्म हुई.
Maharashtra Crop Compensation: महाराष्ट्र सरकार ने जून-सितंबर 2025 की भीषण बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान के लिए केंद्र से NDRF के तहत तत्काल राहत फंड मांगा है. मालूम हो कि राज्य के मराठवाड़ा, कोंकण, विदर्भ सहित कई क्षेत्रों में फसल और इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ था. पढ़ें डिटेल...
पुणे, सोलापुर और अहिल्यानगर जिलों में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के जरिए योजना लागू. गेहूं, चना, ज्वार और प्याज किसानों के लिए अलग-अलग डेडलाइन तय.
महाराष्ट्र सरकार ने बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों के लिए 7,485 करोड़ रुपये की मदद मंजूर की है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा मराठवाड़ा क्षेत्र को मिलेगा. इससे मौसमी आफत से जूझते किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में किसान दिगंबर तांगड़े को फसल नुकसान पर सरकार से मात्र 6 रुपये मुआवजा मिला है. गुस्साए किसान ने कहा, “इससे तो मैं एक कप चाय भी नहीं खरीद सकता.” इससे पहले भी राज्य में बेहद कम राशि का मुआवजा किसानों को मिला है.
Maharashtra Crop Loss Survey Last Date Extended: महाराष्ट्र सरकार ने ई-क्रॉप सर्वे की समयसीमा और आगे बढ़ा दी है. अब तक राज्य में केवल 36% फसल क्षेत्र दर्ज हुआ है, जिस लेकर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अफसरों से नाराजगी जताई.
Maharashtra Natural Farming: महाराष्ट्र सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए “प्राकृतिक खेती मिशन” बनाएगी, जिसकी अगुवाई राज्यपाल आचार्य देवव्रत करेंगे. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मिशन किसानों के हित में काम करेगा.
महाराष्ट्र राज्य में 6 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा फायदा, भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 648.15 करोड़ रुपये की मंजूरी.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता ने आगे कहा कि लड़की बहिन योजना, जिसके तहत पात्र महिला लाभार्थियों को 1,500 रुपये की मासिक सहायता मिलती है, तब तक बंद नहीं की जाएगी जब तक अजित पवार उपमुख्यमंत्री और राज्य के वित्त मंत्री बने रहेंगे.
Maharashtra Crop Compensation: महाराष्ट्र सरकार ने अतिवृष्टि व बाढ़ से प्रभावित 23 जिलों के 33.65 लाख किसानों को 3,258 करोड़ रुपये की राहत राशि मंजूर की. इससे पहले 21.66 लाख किसानों के लिए 1,356 करोड़ की मदद को मंजूरी दी गई थी.
Maharashtra Flood Relief: महाराष्ट्र सरकार ने भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित 21 लाख किसानों के लिए 1,356 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की है. बीड, धाराशिव, लातूर, परभणी समेत प्रभावित जिलों को नुकसान के आधार पर राशि दी जाएगी. वितरण प्रक्रिया जिला प्रशासन के स्तर पर शुरू हो चुकी है.
महाराष्ट्र सरकार ने जून-सितंबर 2025 की भारी बारिश और बाढ़ प्रभावितों के लिए 253 तहसीलों में विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है. मृतक परिवारों को 4 लाख सहायता राशि और फसलों के नुकसान पर प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने का ऐलान किया है. जानें किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा.
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की योजनाओं में लॉटरी खत्म कर 'पहले आओ, पहले पाओ' नियम लागू किया है. अब महाडीबीटी पोर्टल पर आवेदन करने वाले किसानों को पंजीकरण के क्रम में लाभ मिलेगा.
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