
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है. उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को जल्द राहत देने की मांग की है. शरद पवार ने अपने पत्र में सरकार के सामने कुल 17 मांगें रखी हैं, जिनमें किसानों की कर्जमाफी, कृषि बिजली बिल में छूट, मुफ्त अनाज और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग प्रमुख है. इसके अलावा फसल नुकसान का मुआवजा, पीने के पानी की व्यवस्था और रोजगार के काम बढ़ाने की मांग भी की गई है.
शरद पवार ने मांग की है कि सहकारी बैंकों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों और लोन समितियों से खेती और कृषि से जुड़े कामों के लिए किसानों द्वारा लिए गए कर्ज को माफ किया जाए. उन्होंने बागवानी के लिए लिए गए कर्ज और महिला स्वयं सहायता समूहों के कर्ज को भी राहत के दायरे में शामिल करने की मांग की है. इसके अलावा किसानों के भू-राजस्व और कृषि पंपों के बिजली बिल माफ करने की मांग भी की गई है.
शरद पवार ने सूखे से प्रभावित किसानों को 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है. वहीं, कृषि मजदूरों को 25 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही है. उन्होंने यह पैसा सीधे किसानों और मजदूरों के बैंक खातों में भेजने की मांग की है. उन्होंने सूखा प्रभावित किसान और कृषि मजदूर परिवारों को 25 किलो मुफ्त अनाज देने की मांग भी की है. इसके अलावा सूखा प्रभावित इलाकों में पीने के पानी की समस्या को देखते हुए शरद पवार ने तहसीलदारों को पानी के टैंकर मंजूर करने का अधिकार देने की मांग की है. इससे लोगों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी समय पर पीने का पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा.
शरद पवार ने सूखे के कारण फसलों और फलों के बागों को हुए नुकसान का आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि नुकसान का सर्वे जल्द कराया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिल सके. साथ ही उन्होंने ने रोजगार गारंटी योजना के नियमों में ढील देने की मांग की है. वहीं, सूखा प्रभावित इलाकों में जल संरक्षण के काम तेजी से शुरू करने के लिए विशेष फंड देने की बात कही है. उन्होंने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल-कॉलेज के छात्रों की फीस, हॉस्टल फीस और भोजन शुल्क माफ करने की मांग भी की है.
उन्होंने मुख्यमंत्री से महाराष्ट्र विधानमंडल का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की है. उनका कहना है कि इस सत्र में राज्य में सूखे की स्थिति पर विस्तार से चर्चा कर राहत के जरूरी फैसले लिए जाएं. इसके अलावा उन्होंने सरकार से दशहरा और दिवाली से पहले सूखा प्रभावित किसानों और कृषि मजदूरों को राहत पहुंचाने की मांग की है. (ANI)