कर्नाटक में 200 से ज्यादा तालुक सूखे की चपेट में, CM ने केंद्र से राहत पैकेज की मांग की

कर्नाटक में 200 से ज्यादा तालुक सूखे की चपेट में, CM ने केंद्र से राहत पैकेज की मांग की

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य के 200 से ज्यादा तालुक सूखे जैसे हालात से जूझ रहे हैं. उन्होंने फसल नुकसान, पानी और बिजली संकट का हवाला देते हुए केंद्र से राहत राशि की मांग की है.

CM Dk ShivkumarCM Dk Shivkumar
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 24, 2026,
  • Updated Sep 24, 2026, 4:15 PM IST

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कहा कि राज्य के सूखा प्रभावित इलाकों के लिए केंद्र से राहत राशि की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि वह दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का समय मांगेंगे और कर्नाटक की स्थिति से उन्हें अवगत कराएंगे. सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक के 200 से ज्यादा तालुक सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से माननीय प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि वह कर्नाटक की मदद करें. यहां 200 से ज्यादा तालुक प्रभावित हैं. कई समस्याएं पैदा हो गई हैं. लोगों की फसलें बर्बाद हुई हैं और पानी और बिजली की भी समस्या है."

बिजली की मांग करीब 20 हजार मेगावाट

मुख्यमंत्री ने राज्य में बिजली संकट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बिजली की मांग करीब 20,000 मेगावाट तक पहुंच गई है और लोगों को बिजली की जरूरत पूरी करने में परेशानी हो रही है.

डीके शिवकुमार ने कहा, "हर कोई परेशान है. हम स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ राज्यों में 20 से 22 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी जा रही है. बिजली उपलब्ध नहीं है."

ऊर्जा विभाग को निगरानी के निर्देश

डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने ऊर्जा विभाग को बिजली की स्थिति पर लगातार नजर रखने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, "मैंने अपने बिजली विभाग से स्थिति देखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है."

चीनी मिलों से भी सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने कुछ चीनी मिल मालिकों से भी बातचीत की है. उन्होंने बिजली संकट से निपटने में सरकार का सहयोग करने और उपलब्ध बिजली सरकार को देने के लिए कहा है.

सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, "मैंने कुछ किसानों और चीनी मिलों को भी बुलाया है, ताकि देखा जा सके कि क्या किया जा सकता है और कुछ प्रतिबंध लगाए जा सकें. वे बिजली नहीं बेच सकते, उन्हें यह बिजली सरकार को देनी होगी."

थर्मल पावर के लिए कोयले के स्टॉक पर नजर

डीके शिवकुमार ने ताप विद्युत संयंत्रों के लिए कोयले की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि थर्मल पावर प्लांट वाले क्षेत्रों में कोयले के भंडार पर लगातार नजर रखना जरूरी है.

उन्होंने कहा, "जहां भी थर्मल पावर है, वहां हमें कोयले के स्टॉक पर नजर रखनी होगी. इस मुद्दे पर हमें बहुत सावधान रहना होगा. यह केवल हमारे राज्य की समस्या नहीं है, मैं दूसरे राज्यों की स्थिति पर भी नजर रख रहा हूं."

पीएम से मिलने का समय मांगेंगे सीएम

डीके शिवकुमार ने कहा कि ऊर्जा मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान भी वह देशभर में बिजली की उपलब्धता पर नजर रखते थे. उन्होंने कहा, "जब मैं बिजली मंत्री था, तब से मैं रोजाना निगरानी करता रहा हूं कि कहां कितनी बिजली उपलब्ध है."

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जारी अन्य कार्यक्रमों के बाद वह दिल्ली जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का समय मांगेंगे. उन्होंने कहा, "इसके बाद मैं दिल्ली जाऊंगा. मैं मुलाकात के लिए समय मांग रहा हूं." (एएनआई)

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