सुप्रिया सुले (File Photo)महाराष्ट्र के पंढरपुर में किसानों की कृषि कर्जमाफी समेत कई मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले ने किसानों से सड़क जाम नहीं करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. अगर किसान विरोध करना चाहते हैं तो वे सत्ता में बैठे लोगों की गाड़ियों को रोकें. किसानों को संबोधित करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि सड़क जाम करने से आम लोगों को परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि अगर किसी मुख्य सड़क को बंद किया जाता है तो आम लोग रास्ते में फंस जाते हैं, जबकि सत्ता में बैठे नेता दूसरे साधनों से वहां से निकल सकते हैं.
सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र सरकार की कृषि कर्जमाफी से जुड़े सरकारी आदेश (GR) पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि किसानों की मांग थी कि कर्जमाफी की रकम सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाए, लेकिन मौजूदा GR में उन्हें ऐसा स्पष्ट तौर पर दिखाई नहीं दे रहा है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान घोषित कृषि कर्जमाफी का जिक्र करते हुए मौजूदा कर्जमाफी प्रस्ताव पर सवाल उठाया. सुप्रिया सुले ने कहा कि किसानों को पूरी कर्जमाफी की जरूरत है, ताकि उन पर आर्थिक बोझ कम हो सके.
सांसद सुप्रिया सुले ने किसानों को मिलने वाली बिजली का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बिजली उपलब्ध होने के बावजूद कुछ इलाकों में किसानों को दिन में सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है. उनके मुताबिक, खेती के लिए बिजली और पानी दोनों जरूरी है. अगर पानी है लेकिन बिजली नहीं है, तो किसान सिंचाई कैसे करेंगे, यह बड़ा सवाल है. उन्होंने सरकार से किसानों के बच्चों की फीस और मेस का खर्च माफ करने की मांग भी की. सुप्रिया सुले ने कहा कि खेती में आर्थिक परेशानी के बीच कई किसान परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं.
प्रस्तावित शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को लेकर भी सुप्रिया सुले ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय किसान इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं और उनकी जमीन प्रभावित हो रही है, तो सरकार को उनकी राय पर विचार करना चाहिए. सुले ने कहा कि वह विकास परियोजनाओं के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिन परियोजनाओं से किसानों की जमीन प्रभावित होती है, उनमें किसानों की राय भी शामिल होनी चाहिए. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जरूरत पड़ने पर विकास परियोजनाओं पर खर्च होने वाली राशि का इस्तेमाल किसानों की कर्जमाफी और शिक्षा के लिए किया जा सकता है.
सुप्रिया सुले ने बताया कि NCP (SP) और महा विकास आघाड़ी ने महाराष्ट्र में कृषि संकट पर चर्चा के लिए विधानसभा का पूरा सत्र बुलाने की मांग की है. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि विपक्ष उनकी कर्जमाफी, बिजली और दूसरी मांगों को उठाता रहेगा. उन्होंने कहा कि जब तक किसानों का पूरा कर्ज माफ नहीं होता और उनके 7/12 रिकॉर्ड साफ नहीं होते, तब तक NCP (SP) और महा विकास आघाड़ी किसानों के मुद्दे उठाते रहेंगे.
सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टियों से केंद्र सरकार से आर्थिक मदद मांगने के लिए मिलकर काम करने की अपील भी की. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से महाराष्ट्र के सभी सांसदों की बैठक बुलाने का आग्रह किया, ताकि राज्य के किसानों और कृषि संकट से जुड़े मुद्दों को केंद्र के सामने मिलकर रखा जा सके. (PTI)
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