
महाराष्ट्र में कम बारिश और सूखे जैसी स्थिति से परेशान किसानों के लिए राज्य सरकार ने राहत का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि सरकार 25 सितंबर को किसानों को तत्काल सूखा राहत देने का आदेश जारी करेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र से आर्थिक मदद का इंतजार किए बिना राज्य सरकार अपने स्तर पर किसानों को सहायता देगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वाशिम जिले के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने कारंजा तालुका के म्हसला, मंगरुलपीर के मोहगव्हाण और मालेगांव तालुका के जौलका में किसानों से बातचीत की और खेतों में फसलों की स्थिति देखी. उन्होंने सोयाबीन और अरहर समेत खरीफ फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया. फडणवीस ने माना कि इलाके की स्थिति बेहद गंभीर है.
फडणवीस ने कहा कि राज्य के सूखा राहत कोड के Trigger 1 के तहत किसानों को तत्काल सहायता दी जाएगी. उन्होंने बताया कि कुछ इलाके शुरुआती ट्रिगर में छूट गए होंगे, तो उन्हें आगे के ट्रिगर के तहत शामिल किया जा सकता है. सरकार प्रभावित किसानों को मदद देने के लिए केंद्र की सहायता का इंतजार नहीं करेगी.
वाशिम दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कई इलाकों में पानी की भारी कमी है और फसलें सूख गई हैं. खासकर सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान हुआ है. कम बारिश के कारण किसानों के सामने फसल के साथ-साथ पशुओं के चारे और पीने के पानी की समस्या भी बढ़ सकती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा. जिन किसानों को पहले की कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें भी राहत देने की बात कही गई है. इसके अलावा बिजली बिलों में राहत दी गई है. फडणवीस ने बैंकों से कहा कि मुश्किल समय में किसानों से कर्ज की वसूली नहीं की जाए.
फडणवीस ने कहा कि किसानों को रबी की फसल के लिए सिंचाई संबंधी सहायता भी दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य खरीफ में हुए नुकसान के बाद किसानों को अगली फसल के लिए भी मदद उपलब्ध कराना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात में किसानों को सिर्फ कर्ज और बिजली से जुड़ी राहत ही नहीं, बल्कि सीधे आर्थिक सहायता की भी जरूरत है. कुछ इलाकों में चारे की कमी, कुछ जगहों पर खाद्यान्न की समस्या और किसानों के बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ने की आशंका है. सरकार इन जरूरतों को ध्यान में रखकर सहायता देगी.
सरकार सूखे से निपटने के लिए जल संरक्षण से जुड़े कामों पर भी जोर देगी. इसके तहत सूखे पड़े जलाशयों से गाद निकालने और पानी बचाने वाले ढांचों की मरम्मत या निर्माण जैसे काम किए जाएंगे. इन कामों से ग्रामीण इलाकों में रोजगार भी पैदा करने की योजना है.
फडणवीस ने कहा कि सरकार किसानों की कृषि उपज की निर्धारित समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद करेगी. इसके लिए जल्द ही रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रभावित किसानों को राहत की राशि दिवाली से पहले मिल जाए.
उद्धव ठाकरे की ओर से महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग पर फडणवीस ने कहा कि किसानों का संकट राजनीतिक मुद्दा नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान किसानों की मदद करने पर है और इसी दिशा में राहत के फैसले लिए जा रहे हैं.
फडणवीस के वाशिम दौरे के दौरान कुछ किसानों ने काफिला रोककर सूखा घोषित करने और तत्काल मदद देने की मांग की. किसानों ने नुकसान के बदले 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग भी रखी. मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याएं सुनीं और सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया.
ये भी पढ़ें:
किसानों ने उठाई धान की जल्द खरीद की मांग, कृषि मंत्री बोले- एक-दो दिन में व्यवस्था होगी पूरी
नौकरी नहीं मिली तो शुरू की स्ट्रॉबेरी की खेती, अब मिजोरम की ‘किसान बेटी’ को मिलेगा UN अवॉर्ड