
संयुक्त किसान मोर्चा और किसान महापंचायत मध्य प्रदेश ने राज्य सरकार के सामने किसानों से जुड़ी बड़ी मांगें उठाई हैं. संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन पत्र सौंपा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान लंबे समय से कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, इसलिए सरकार इन मांगों पर जल्द फैसला ले और किसान प्रतिनिधियों से चर्चा करे. संगठन ने मांग की है कि मूंग की खरीदी प्रति एकड़ 3 क्विंटल के हिसाब से ई-टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए तत्काल शुरू की जाए.
संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार ने अधिक मात्रा में खरीदी का भरोसा दिया था, लेकिन वर्तमान में किसानों से कम उपज खरीदी जा रही है. इसके अलावा प्रदेश में यूरिया और डीएपी की कमी को देखते हुए हर तहसील स्तर पर पारदर्शी खाद वितरण समिति गठित करने की भी मांग उठाई है.
किसान संगठन ने वर्ष 2024-25 का लंबित फसल बीमा जल्द किसानों के खातों में जमा कराने की मांग की है. साथ ही जिला सहकारी बैंक और सहकारी समितियों से लोन लेकर समय पर भुगतान करने वाले किसानों को भी राहत या प्रोत्साहन राशि देने की बात कही है. संगठन का कहना है कि केवल डिफॉल्टर किसानों को राहत देना उचित नहीं होगा.
ज्ञापन में भावांतर योजना समाप्त कर सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करने की मांग की गई है. इसके साथ ही मक्का की खरीदी भी MSP पर शुरू करने की बात कही गई है.
संगठन ने गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल करने और राजस्थान की तर्ज पर 200 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग रखी है. वहीं, क्रांति और उन्नत किस्म के धान की खरीद 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर किए जाने की मांग भी की गई है.
संगठन ने किसानों के खेतों तक पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि उपज को मंडियों तक पहुंचाने में आसानी हो. इसके अलावा आधुनिक कृषि यंत्रों पर 75 प्रतिशत सब्सिडी देने और ट्रांसफार्मर सब्सिडी योजना दोबारा शुरू करने की मांग भी रखी गई है.
किसान महापंचायत ने कहा कि वर्तमान में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए किसानों से 35 हजार से 40 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं, जिसे कम किया जाना चाहिए. राजेश धाकड़ ने कहा कि ज्ञापन में शामिल सभी मांगें प्रदेश के किसानों के हितों से जुड़ी हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से इन मांगों पर जल्द फैसला लेने और किसान महापंचायत के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए समय देने का आग्रह किया है.