
महाराष्ट्र के लातूर जिले में सूखे के गंभीर हालात के बीच पूर्व राज्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संभाजी पाटिल निलंगेकर ने सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपने एक साल का पूरा मानदेय देने का ऐलान किया है. निलंगा विधानसभा सीट से विधायक संभाजी पाटिल निलंगेकर ने दशहरा के अवसर पर जारी एक वीडियो संदेश में यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोग पीने के पानी की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं किसानों के सामने अपने पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करना भी बड़ी चुनौती बन गया है.
संभाजी पाटिल निलंगेकर ने कहा कि उन्होंने संकट से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपना एक साल का मानदेय समर्पित करने का फैसला किया है. उन्होंने समाज के सभी वर्गों से भी सूखा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की.
विधायक के मुताबिक, सूखा राहत के लिए दी जाने वाली राशि का प्राथमिक इस्तेमाल प्रभावित लोगों तक पीने का पानी पहुंचाने, पानी के टैंकरों की व्यवस्था करने और पशु शिविरों में मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने में किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि सूखे की चुनौती बहुत बड़ी है और इससे निपटने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है. उन्होंने लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देने और मुश्किल समय में सूखा प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े रहने की अपील की.
बात दें कि महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने भी प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीते हफ्ते कैबिनेट बैठक के बाद बताया था कि राज्य में 40 और तालुकों को सूखा प्रभावित सूची में शामिल करने का फैसला किया गया है. इससे सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है. महाराष्ट्र में कुल 358 तालुके हैं.
इससे पहले राज्य सरकार ने बारिश की कमी के कारण 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था. नए तालुकों को सूची में शामिल किए जाने के बाद वहां के पात्र किसान भी सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए घोषित सरकारी राहत उपायों का लाभ उठा सकेंगे.
महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता देने का फैसला किया था. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि केंद्र सरकार से दिवाली से पहले सहायता मिलने की उम्मीद नहीं है. ऐसे में राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने के लिए यह कदम उठाया.
सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत देने के लिए फसल ऋण के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट और बिजली बिलों में रियायत जैसे उपायों की भी घोषणा की है. इन उपायों का उद्देश्य सूखे के कारण आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे किसानों पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है. (पीटीआई)