पीएम मोदी ने किसान कमल चेकजिंग संगमा से की बातचीत (फोटो/एएनआई)मेघालय के सदोलपारा गांव के पारंपरिक मिलेट किसान कमल चेकजिंग संगमा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करने का मौका मिला. प्रधानमंत्री ने रविवार, 25 अक्टूबर को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में संगमा के खेती से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया था. इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई. संगमा ने इस दौरान आचिक समुदाय की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन पर आभार जताया.
प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद कमल चेकजिंग संगमा ने कहा कि उन्होंने खेती और आदिवासी परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया. संगमा ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश से उनके गांव के लोगों को अपनी खेती जारी रखने और सांस्कृतिक विरासत को बचाने की प्रेरणा मिली है.
संगमा ने कहा, “मैंने भारत के माननीय प्रधानमंत्री के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया. मैंने उनसे कहा कि उन्होंने हमेशा हमें खुद उगाया हुआ अनाज खाने और अपनी आदिवासी संस्कृति व परंपराओं को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया है. उनके शब्द मेरे गांव के सभी लोगों को समर्पण के साथ खेती जारी रखने और अपनी विरासत की रक्षा करने की प्रेरणा देते हैं.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में बताया था कि कमल चेकजिंग संगमा मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले के सदोलपारा गांव में मिलेट की खेती के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों को अपना रहे हैं. उनके प्रयासों से खेती से होने वाली कमाई में सुधार हुआ है. साथ ही, स्थानीय लोगों के बीच मिलेट की खेती को लेकर जागरूकता और रुचि भी बढ़ी है.
कमल चेकजिंग संगमा ने बातचीत में आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया. प्रधानमंत्री के साथ उनकी बातचीत से सदोलपारा गांव और पश्चिम गारो हिल्स के अन्य इलाकों में खुशी का माहौल है. एक स्थानीय किसान को सीधे प्रधानमंत्री से बात करने का अवसर मिलने से क्षेत्र में पारंपरिक खेती और सांस्कृतिक पहचान को लेकर चर्चा भी सामने आई है. (एएनआई)
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