
कर्नाटक सरकार की बिदादी के पास प्रस्तावित ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (GBIT) परियोजना के लिए करीब 500 एकड़ जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना के बाद विरोध और बढ़ गया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने दावा किया है कि करीब 80 प्रतिशत किसान इस परियोजना के खिलाफ हैं और अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से किसानों पर जमीन बेचने का दबाव नहीं बनाने की अपील की. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि विरोध कर रहे किसानों को धमकाया जा रहा है और सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए.
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत से अधिक किसान इस टाउनशिप के खिलाफ हैं. वे अपनी जमीनें छोड़ने को तैयार नहीं हैं. मैं मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से आग्रह करता हूं कि वे किसानों को अपनी जमीनें छोड़ने के लिए मजबूर न करें. किसानों ने बताया कि उन्हें 'गुंडों' द्वारा धमकाया गया है और वे अपनी जमीनें बहुत कम दामों पर बेच रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से किसानों को बचाने की अपील की और कहा कि भाजपा राज्य सरकार को इस 'गलत फैसले' पर आगे बढ़ने नहीं देगी.
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को इस भूमि अधिग्रहण को रोकना चाहिए और इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहिए. उन्हें किसानों की मदद करनी चाहिए. हम राज्य सरकार को इस गलत फैसले पर आगे नहीं बढ़ने देंगे. इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों तरह से हल करना होगा. किसानों के रुख का समर्थन करते हुए, विजयेंद्र ने बताया कि किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अपनी जान देने को तैयार हैं, लेकिन अपनी कृषि भूमि नहीं. बिदादी कस्बे और उसके आसपास के हर किसान के लिए यह रुझान बिल्कुल स्पष्ट है.
जमीन को लेकर लगे राजनीतिक आरोपों से अपना बचाव करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यहां मेरी कोई जमीन नहीं है. अगर मेरी जमीन है भी, और अगर मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी मिलती है, तो वे उन जमीनों को भी अधिग्रहित कर लें. विजयेंद्र की ये टिप्पणियां कर्नाटक सरकार द्वारा बिदादी के पास प्रस्तावित जीबीआईटी परियोजना के लिए लगभग 500 एकड़ भूमि अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी करने के बीच आई हैं.
बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा पर राज्य में विकास रोकने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वे भाजपा को करारा जवाब देंगे. मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इसका बचाव करते हुए कहा है कि अधिकांश किसान इस परियोजना के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा कि यह टाउनशिप योजना पहले की सरकारों की पहल पर आधारित है और इसका उद्देश्य बेंगलुरु पर बढ़ते दबाव को कम करना है. शिवकुमार ने दावा किया कि पहले चरण में 78 प्रतिशत जमीन मालिकों ने सहमति देते हुए मुआवजा मंजूर कर लिया है. (ANI)