
मार्च निकालते हुए किसानमहाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में संपूर्ण कर्जमाफी की मांग को लेकर चल रहा किसान आंदोलन अब उग्र होता नजर आ रहा है. किसान नेता रविकांत तुपकर के अन्नत्याग आंदोलन के समर्थन में बुधवार को सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए. आंदोलन के दौरान जिला अधिकारी कार्यालय (डीएम ऑफिस) के बाहर एक युवा किसान ने विरोध जताने के लिए खुद पर पेट्रोल डाल लिया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर स्थिति संभाली.
दरअसल, किसान नेता रविकांत तुपकर ने राज्य सरकार की घोषित कर्जमाफी योजना का विरोध करते हुए 15 जून से अन्नत्याग कर अनशन पर बैठे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्जमाफी योजना की शर्तों से किसानों को वास्तविक राहत नहीं मिलेगी और किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाना चाहिए.

किसानों ने बुधवार को बुलढाणा जिला अधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला. इस मोर्चे का नेतृत्व किसान नेता की पत्नी शर्वरी तुपकर ने किया. उन्होंने अपने शरीर पर पूर्ण कर्जमाफी की मांग को लेकर बड़ा बैनर बांधा था. जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद विरोध और तेज हो गया. इस दौरान कुछ किसानों ने कार्यालय के सामने दूध बहाया और गोभी और टमाटर जैसी सब्जियां फेंककर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई.
शर्वरी तुपकर ने कहा कि जब तक कर्जमाफी से जुड़े सरकारी आदेश में बदलाव नहीं होता और किसानों को सकारात्मक फैसला नहीं मिलता, तब तक रविकांत तुपकर का अन्नत्याग आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार किसानों की भावनाओं को नजरअंदाज करेगी तो आंदोलन और तेज हो सकता है.
इससे पहले मंगलवार को किसान उग्र हो गए थे. पूर्ण कर्जमाफी की मांग को लेकर कुछ स्थानों पर आक्रोश हिंसक घटनाओं में भी बदलता दिखाई दिया. जानकारी के मुताबिक, खामगांव शहर में उपविभागीय अधिकारी कार्यालय को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई. वहीं, चिखली-संभाजीनगर मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध दर्ज कराया. जिले के कीनगांव जट्टू इलाके में लोनार डिपो की खड़ी सरकारी बस में आग लगाने की घटना भी सामने आई. हालांकि, स्थानीय लोगों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया.
किसान नेता रविकांत तुपकर ने कहा कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है और किसानों को कानून व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए. उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका अन्नत्याग आंदोलन जारी रहेगा.
तुपकर ने कहा कि सरकार की मौजूदा कर्जमाफी योजना किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है और किसानों को संपूर्ण कर्जमाफी और फसल बीमा का लाभ मिलना चाहिए. बुलढाणा के साथ अब दूसरे जिलों में भी आंदोलन का असर दिखाई देने लगा है.
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