E20 पर SKM का सवाल: गाड़ियां तैयार नहीं, फिर क्यों बढ़ाया जा रहा इथेनॉल ब्लेंडिंग?

E20 पर SKM का सवाल: गाड़ियां तैयार नहीं, फिर क्यों बढ़ाया जा रहा इथेनॉल ब्लेंडिंग?

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेताओं हरमिंदर सिंह और बलबीर सिंह राजेवाल ने इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा गाड़ियां और मशीनें ई20 ईंधन के अनुरूप नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सरकार पहले वाहनों और मशीनरी को अनुकूल बनाए, उसके बाद इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ाया जाए.

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कमलजीत संधू
  • Chandigarh,
  • Aug 03, 2026,
  • Updated Aug 03, 2026, 4:24 PM IST

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेताओं ने पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग की नीति पर चिंता जताते हुए कहा है कि सरकार को पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश में इस्तेमाल हो रहे वाहन और मशीनें ई20 तेल के अनुरूप हों. उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इथेनॉल ब्लेंडिंग से गाड़ियों के परफॉर्मेंस और माइलेज पर असर पड़ रहा है.

'इथेनॉल नीति से कॉरपोरेट को लाभ'

SKM से जुड़े हरमिंदर सिंह ने कहा कि किसानों को इथेनॉल उत्पादन या हरित ऊर्जा की दिशा में बढ़ने से कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि किसान समाज के बड़े हितों को ध्यान में रखते हैं और केवल अपने आर्थिक लाभ के नजरिए से इस मुद्दे को नहीं देखते. हालांकि, उनका आरोप है कि पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने के बावजूद उपभोक्ताओं को केवल पेट्रोल के विकल्प को चुनने की सुविधा नहीं दी जा रही है.

उन्होंने कहा कि इथेनॉल मिले तेल के कारण कई वाहनों के काम करने की क्षमता प्रभावित होने और माइलेज घटने की शिकायतें सामने आ रही हैं. उनका दावा है कि मौजूदा नीति का लाभ गाड़ी बनाने वाली कंपनियों और कॉरपोरेट क्षेत्र को अधिक मिल सकता है, जबकि आम उपभोक्ता को अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ सकता है.

वहीं, SKM नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि इथेनॉल उत्पादन के लिए मक्का और गन्ने जैसी फसलों का उपयोग किया जाता है. उन्होंने कहा कि कुछ किसानों को यह उम्मीद है कि इथेनॉल नीति से उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा, लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है.

E-20 के अनुरूप गाड़ियां बनाने का सुझाव

राजेवाल ने कहा कि अलग-अलग रिपोर्टों में इथेनॉल मिले पेट्रोल से मौजूदा मशीनों और गाड़ियों पर प्रभाव की बात सामने आई है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार और उद्योग जगत गाड़ियों और कृषि मशीनरी को ई20 मानकों के अनुरूप विकसित कर देते हैं, तो किसानों को इस नीति से कोई आपत्ति नहीं होगी. उनके अनुसार, समस्या इथेनॉल से नहीं बल्कि उन गाड़ियों और मशीनों से है जो अभी तक इस तेल के अनुरूप नहीं बनाए गए हैं.

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ तकनीकी अनुकूलन को भी प्राथमिकता दी जाए ताकि किसानों, उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र पर किसी प्रकार का उलटा प्रभाव न पड़े.

दूसरी ओर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि विधानभा में मंगलवार को इथेनॉल के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी. अभी पंजाब विधानसभा का सत्र चल रहा है जिसमें कई मुद्दों पर हंगामा जारी है. सोमवार को कांग्रेस ने पंजाब में पेपर लीक के मामले में हंगामा किया और सरकार से कोई जवाब नहीं मिलने पर पार्टी के नेताओं ने वॉकआउट कर दिया.

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