किसानों को बड़ी राहत, डीबीटी के जरिए भेजी जा रही 200 करोड़ रुपये की सहायता राशि

किसानों को बड़ी राहत, डीबीटी के जरिए भेजी जा रही 200 करोड़ रुपये की सहायता राशि

किसानों को फसल नुकसान के बाद बड़ी राहत दी जा रही है. सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रभावित किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे भेजी जा रही है. ओलावृष्टि से हुई क्षति की भरपाई के लिए यह कदम उठाया गया है. इससे किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल रही है और उनकी परेशानियां कम हो रही हैं.

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबरबिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर
क‍िसान तक
  • Patna,
  • Jun 22, 2026,
  • Updated Jun 22, 2026, 10:39 AM IST

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने पार्टी के संगठन, नेतृत्व और किसानों को दी जा रही राहत को लेकर विस्तार से जानकारी दी. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्हें एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. साथ ही उन्होंने निशांत कुमार को जदयू का भविष्य बताया.

नीतीश कुमार फिर बने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष

पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय झा ने कहा कि हाल ही में हुई पार्टी की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. उन्होंने बताया कि इस फैसले को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद (नेशनल काउंसिल) की बैठक में भी औपचारिक मंजूरी दे दी गई है.

संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके अनुभव का लाभ पार्टी को लगातार मिल रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में जदयू और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी. संजय झा के अनुसार, पार्टी अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है और संगठन को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए जाएंगे.

निशांत कुमार को बताया पार्टी का भविष्य

मीडिया से बातचीत के दौरान संजय झा ने पार्टी के भविष्य को लेकर भी बड़ा संकेत दिया. उन्होंने कहा कि निशांत कुमार जदयू का भविष्य हैं और आने वाले समय में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है.

संजय झा ने कहा कि निशांत कुमार फिलहाल सरकार में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और जनता के बीच सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में वह संगठन को भी समय देंगे और पार्टी को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि जदयू में आने वाले समय में नेतृत्व की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है.

हालांकि, उन्होंने इस विषय पर अधिक विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर स्पष्ट किया कि पार्टी उन्हें एक महत्वपूर्ण नेता के रूप में देख रही है.

किसानों को राहत देने के फैसले का किया स्वागत

संजय झा ने बातचीत के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि से कई किसानों की फसलें प्रभावित हुई थीं. ऐसे किसानों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.

उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों के बैंक खातों में लगभग 200 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जा रही है. इससे किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल सकेगी और उन्हें नुकसान से उबरने में सहायता मिलेगी.

आपदा के समय तुरंत सहायता जरूरी

संजय झा ने कहा कि किसी भी प्राकृतिक आपदा के बाद राहत राशि समय पर मिलना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. उन्होंने कहा कि यदि किसानों को छह महीने या एक साल बाद सहायता मिले तो उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता. इसलिए सरकार ने प्रभावित किसानों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने का निर्णय लिया है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में आपदा प्रबंधन की एक मजबूत व्यवस्था तैयार की गई है. इसी व्यवस्था के कारण आपदा आने के तुरंत बाद नुकसान का आकलन किया जाता है और राहत राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है.

संगठन और सरकार दोनों पर फोकस

संजय झा के बयान से साफ संकेत मिला है कि जदयू आने वाले समय में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ जनता से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष ध्यान देने जा रही है. एक तरफ नीतीश कुमार को फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है, वहीं दूसरी ओर निशांत कुमार को भविष्य का चेहरा बताकर नए नेतृत्व को लेकर भी संकेत दिए गए हैं.

इसके साथ ही किसानों को राहत देने और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने पर सरकार का फोकस जारी है. ऐसे में आने वाले दिनों में जदयू की राजनीति और संगठन दोनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं. (शुभम लाल का इनपुट)

ये भी पढ़ें: 

ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग का कमाल: 1.20 हेक्टेयर में मिर्च-टमाटर की खेती से भगवानसिंह ने कमाए 3.40 लाख रुपये
पानी पीने को तरसा बीड, तालाबों में गड्ढे खोदने को मजबूर लोग, 81 जलाशय सूखे

MORE NEWS

Read more!