PHOTOS: तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, इस राज्य में बड़े पैमाने पर हो रही सरसों की खेती

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PHOTOS: तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, इस राज्य में बड़े पैमाने पर हो रही सरसों की खेती

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नए साल में प्रधानमंत्री का सपनों को साकार करने के लिए जमशेदपुर के किसानों ने कमर कस ली है. दरअसल, तिलहन की खेती को बढ़ावा प्रधानमंत्री का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके तहत देश तमाम गांव में 100 फीसदी सब्सिडी पर तिलहन की खेती के लिए बीज दिया गया है. इससे किसान काफी खुश हैं कि देश को आत्मनिर्भर बनाने में प्रधानमंत्री खुद लगे हुए हैं इसलिए उन्हें भी प्रधानमंत्री के सपनों को पूरा करना है. इसलिए किसान बड़े पैमाने पर तिलहन की खेती कर रहे हैं. बता दें कि जमशेदपुर कुछ किसान तिलहन की खेती पहली बार कर रहे हैं.  
 

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देश के किसानों को तिलहन की खेती के लिए आत्मनिर्भर बनाना है. प्रधानमंत्री की सोच है कि अगर हमारे देश के किसान खुद तिलहन की खेती करें तो हमें दूसरे देशों से तिलहन की आयात करने की जरूरत नहीं होगी और हमारा देश तिलहन की क्षेत्र में खुद आत्मनिर्भर रहेगा. इसके लिए झारखंड के जमशेदपुर शहर के पटमदा के एक कासनार गांव को चुना गया है जिसमें किसानों को पहले तिलहन की खेती की ट्रेनिंग दी गई है.

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तिलहन यानी सरसों की खेती को लेकर किसान काफी उत्साहित दिखे. वहीं, इस इलाके में 500 हेक्टेयर में सरसों की खेती की शुरुआत की गई है. किसानों ने बताया कि यह फसल लगभग 90 दिनों में तैयार हो जाता है. यहां के लोगों ने देखा कि यहां की मिट्टी काफी उपजाऊ है इसलिए यहां तिलहन की खेती एक सफल प्रोजेक्ट होगा. इसलिए गांव वालों ने सरसों की खेती शुरू की है और शुरुआती दौर में झारखंड में यह पहला प्रोजेक्ट माना जा रहा है. अधिकारियों की माने तो यह प्रोजेक्ट काफी सफल है.
 

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किसान युधिष्ठिर महतो ने बताया कि हम लोग पहली बार सरसों की खेती कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का यह सपना है कि देश तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने इसलिए केंद्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत हम लोग अपने गांव में पहली बार सरसों की खेती कर रहे हैं. जिले के 500 हेक्टेयर में यह खेती हुई है और फसल काफी अच्छा हुआ है हम चाहते हैं कि हमारा देश तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने.
 

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दुसरे किसान रंजीत सिंह ने कहा कि यह जो मेरे पीछे खेत देख रहे हैं यह खेत देश के प्रधानमंत्री का एक सपना है कि हम सरसों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने, इसलिए पहली बार हमारे गांव को चुना गया है. इसलिए गांव वालों ने सरसों की खेती शुरू की है और शुरुआती दौर में झारखंड में यह पहला प्रोजेक्ट माना जा रहा है. अधिकारियों की माने तो यह प्रोजेक्ट काफी सफल है.

 

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वहीं, एक और किसान सुनील महतो ने कहा कि जमशेदपुर में पहली बार नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन के तहत यहां के किसानों को 100 फीसदी सब्सिडी में सरसों का मुहैया करवाया गया है ताकि हम अपने ही इलाके में तिलहन की खेती कर सके और अच्छा उपजा ले सकें. अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो देश बहुत जल्द तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा.
 

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जिला क़ृषि पदाधिकारी  विवेक बिरुवा ने कहा कि देश का एक महत्वपूर्ण योजना है, भारत को तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना. इसके लिए 100 फीसदी सब्सिडी पर किसानों को बीच मुहैया कराया गया है, ताकि किसान अधिक से अधिक तिलहन की खेती करें और हमारा देश तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने. उन्होने कहा कि आज हम बाहर से तेल मांगते हैं जो काफी महंगा पड़ता है अगर हम अपने ही देश में तिलहन की खेती करें तो निश्चित तौर पर हम तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएंगे. (अनूप सिन्हा की रिपोर्ट) 

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