शिवराज सिंह चौहान ने दिखाया रौद्र रूप, निदेशक को कारण बताओ नोटिस, बैठक लेकर पूछे तीखे सवाल

शिवराज सिंह चौहान ने दिखाया रौद्र रूप, निदेशक को कारण बताओ नोटिस, बैठक लेकर पूछे तीखे सवाल

केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वहां पर उपस्थित मुख्य अधिकारी को अंगूर संस्थान के बारे में बेसिक जानकारी भी नहीं थी. पहले मुझे फील्ड पर जाने से टाला गया, कहा कि अभी अंगूर नहीं है. वहां पहुंचने पर देखा कि नर्सरी में घास उगी हुई है. वहां के प्रमुख अधिकारी किसी भी सवाल का उचित जवाब नहीं दे पाए, मेरे पूछने पर कि एक्सपोर्ट के लिए क्या कर रहे है, रोगों से निपटने के क्या प्रबंध है, वैरायटी को बढ़ाने की योजना है, कोई भी जवाब संतोषजनक नहीं था....

शिवराज सिंह चौहानशिवराज सिंह चौहान
ओम प्रकाश
  • New Delhi,
  • May 16, 2026,
  • Updated May 16, 2026, 8:55 PM IST

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को दिल्ली में  महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक लेकर संस्थानों की कार्यप्रणाली, जवाबदेही, गुणवत्ता और रिजल्ट को लेकर स्पष्ट और सख्त दिशा तय की. उन्होंने कहा कि आईसीएआर की संस्थाएं देश की कृषि प्रगति की धुरी हैं, इसलिए इनके कामकाज में जवाबदेही और परिणाम जरूरी है. चौहान ने पुणे स्थित राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान के 15 मई को औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों, अव्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली संबंधी कमजोरियों पर गंभीर नाराजगी और कड़ी आपत्ति दर्ज कराई.

नर्सरी में उगी घास देख भड़के कृषि मंत्री

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वहां पर उपस्थित मुख्य अधिकारी को अंगूर संस्थान के बारे में बेसिक जानकारी भी नहीं थी. पहले मुझे फील्ड पर जाने से टाला गया, कहा गया कि अभी अंगूर नहीं है. वहां पहुंचने पर देखा कि नर्सरी में घास उगी हुई है. काटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे ऐसा जवाब कहां तक उचित है? वहां के प्रमुख अधिकारी किसी भी सवाल का उचित जवाब नहीं दे पाए, मेरे पूछने पर कि एक्सपोर्ट के लिए क्या कर रहे हैं, रोगों से निपटने के क्या प्रबंध है, वैरायटी को बढ़ाने की योजना है, कोई भी जवाब संतोषजनक नहीं था. उनके पास कोई विजन नहीं था. ग्रेप्स संस्थान का प्रस्तुतिकरण भी बहुत नीरस था. किसानों ने मुझसे कहा कि हम वैरायटी निजी नर्सरी से लेते है, यहां की वैरायटी इस्तेमाल करने लायक नहीं रहती है.

'अव्यवस्था और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी'

शिवराज सिंह चौहान ने डीडीजी (बागवानी) डॉ. एस.के. सिंह से भी बैठक में सवाल किए कि आप डीडीजी होने के नाते क्या देख रहे थे, आप कब से संस्थान के दौरे पर नहीं गए, आपका अंतिम दौरा कब था, डीडीजी के नाते आपकी जिम्मेदारी भी है आपके अंतर्गत आने वाले संस्थान सही तरीके से काम करें. हम किसानों और देश के लिए काम कर रहे हैं. ऐसी अव्यवस्था और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर ऐसे संस्थान चल रहे तो यह नेशनल लॉस है. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण के दौरान जो स्थिति सामने आई, उससे वे बहुत निराश हुए हैं और यह स्पष्ट संकेत है कि कुछ संस्थानों में व्यवस्थागत सुधार की तत्काल आवश्यकता है.

सभी संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सख्त निगरानी

कृषि मंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान में बुनियादी जानकारी, स्पष्ट कार्य योजना, किसानों के लिए उपयोगी अनुसंधान, निर्यातोन्मुख दृष्टि, रोग प्रबंधन की तैयारी और बेहतर किस्मों के विकास और प्रसार पर ठोस काम दिखना चाहिए. उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि यदि किसान निजी नर्सरियों से सामग्री लेने को मजबूर हों और संस्थान की उपयोगिता पर प्रश्न उठाएं, तो यह आत्ममंथन का विषय है.

उन्होंने कहा कि अनुसंधान संस्थानों का लक्ष्य केवल औपचारिक कामकाज नहीं, बल्कि खेत, किसान और बाजार की वास्तविक जरूरतों का समाधान देना होना चाहिए. शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में अधिकारियों से सीधे प्रश्न करते हुए संस्थागत निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होना जरूरी है, क्योंकि प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है कि उसके अधीन संस्थान सक्रिय, परिणामोन्मुख और किसान हितैषी ढंग से काम करें. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों और देश के हित में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अव्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी.

अंगूर अनुसंधान संस्थान के निदेशक को कारण बताओ नोटिस

बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान, पुणे के निदेशक डॉ. कौशिक बनर्जी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाए. साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संस्थानों में निदेशक नियुक्ति की प्रक्रिया, वैज्ञानिकों की नियुक्ति व्यवस्था और प्रशासनिक और वैज्ञानिक नेतृत्व के चयन तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण उन्हें उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रणालीगत सुधार के लिए समग्र समीक्षा की जा सके.

ICAR के 113 संस्थानों का होगा औचक निरीक्षण

शिवराज सिंह चौहान ने आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट को निर्देश दिया कि 8 से 10 सदस्यों की टीम गठित कर आईसीएआर की सभी 113 संस्थाओं का औचक निरीक्षण कराया जाए. उन्होंने कहा कि वे खुद भी अलग-अलग संस्थानों का औचक निरीक्षण करेंगे. उनका स्पष्ट संदेश था कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां निकालना नहीं, बल्कि संस्थानों की वास्तविक स्थिति समझकर उन्हें अधिक सक्षम, उत्तरदायी और प्रभावशाली बनाना है.

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आईसीएआर की सभी संस्थाओं के लिए स्पष्ट प्रदर्शन मानक और पैरामीटर तय किए जाएंगे.  इन्हीं मानकों के आधार पर संस्थानों की रैंकिंग तैयार होगी. जो संस्थान उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि निर्धारित मानकों पर खरा न उतरने वाले संस्थानों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. 

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