कृषि पत्रकार ओम प्रकाश करीब 25 साल से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. किसानों को उनकी फसलों का सही दाम मिले और कंज्यूमर को कीटनाशक फ्री खाना...इसकी कोशिश लगातार जारी है. वर्तमान में इंडिया टुडे ग्रुप के चैनल 'किसान तक' में एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. इस वक्त किसान तक की टीम लीड करने के अलावा वो अन्नगाथा (Annagatha) नामक एक लोकप्रिय पोडकास्ट (Podcast) को होस्ट करते हैं. जिसमें खेती-किसानी से जुड़े रिसर्च, किस्सों, संघर्ष और समस्याओं पर देश के जाने-माने कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री और किसान नेता अपने विचार रखते हैं.
किसान परिवार से आने वाले ओम प्रकाश की पत्रकारिता सिर्फ खबरें पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि उन मेहनती किसानों की टूटती उम्मीदों को फिर से जोड़ने का मिशन भी है, जो सुबह से शाम तक खेतों में पसीना बहाकर देश का पेट भरते हैं. उनकी कलम किसानों की पीड़ा और सफलता को नीति-निर्माताओं तक पहुंचाने वाला मजबूत सेतु बनती है.
मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले ओम प्रकाश ने किसान तक से पहले टीवी-9 में न्यूज एडिटर, नेटवर्क-18 में विशेष संवाददाता और फरीदाबाद और गुरुग्राम में अमर उजाला के ब्यूरो चीफ के तौर पर काम किया है. कॅरियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की. इन मीडिया संस्थानों में कृषि, ग्रामीण, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर काम किया. शहीदों और किसानों के मुद्दों पर लिखना सबसे प्रिय है. ओम प्रकाश की गिनती देश के चुनिंदा कृषि पत्रकारों में होती है. ओम प्रकाश ने गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश से ग्रेजुएशन और गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार-हरियाणा से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है.
ओम प्रकाश ने साल 2013 में किसानों को पद्मश्री न मिलने को बड़ा मुद्दा बनाया, इसके लिए आरटीआई को हथियार बनाकर लड़ाई लड़ी. अमर उजाला में इस मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट छपी. उनकी कोशिशों से अंतत: केंद्र सरकार ने किसानों को पद्म पुरस्कार देने की शुरुआत कर दी. सरकार अपने दस्तावेजों में भगत सिंह को शहीद नहीं मानती...इस बात का भी ओम प्रकाश ने आरटीआई के जरिए खुलासा किया. यह मामला जब कांग्रेस के गले की फांस बनने लगा तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आगे आकर खुद सफाई देनी पड़ी.
ओम प्रकाश ने दैनिक भास्कर, अमर उजाला और न्यूज-18 में रहते हुए खेती के अलावा राजनीतिक खबरों पर विशेष काम किया. यहां उनकी बीजेपी, आरएसएस, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, मुस्लिम, मेवात और सियासी जाति गणित पर कई खबरें देख सकते हैं. हालांकि इस समय वो मुख्यतौर पर कृषि नीतियों, कृषि योजनाओं, किसान आंदोलनों, एमएसपी, फसलों के दाम, पर्यावरण, मनरेगा, इथेनॉल, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूसा, डब्ल्यूटीओ, कृषि उपज के इंपोर्ट-एक्सपोर्ट और सहकारिता पर काम कर रहे हैं. इन मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. अगर आप इन मुद्दों पर डेटा के साथ सहज भाषा में स्टोरी पढ़ना चाहते हैं तो इनकी प्रोफाइल पर विजिट कर सकते हैं.
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