भारतीय खेती को आधुनिक बनाने की तैयारी, शिवराज सिंह चौहान ने ICAR बैठक में दिए अहम निर्देश

भारतीय खेती को आधुनिक बनाने की तैयारी, शिवराज सिंह चौहान ने ICAR बैठक में दिए अहम निर्देश

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कृषि देश की बड़ी आबादी की जीविका का प्रमुख साधन है और भारतीय अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार प्रदान करती है. बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कामकाज और चल रही योजनाओं की गहराई से समीक्षा की.

Shivraj Singh Chouhan Review Meeting on Crop LossShivraj Singh Chouhan Review Meeting on Crop Loss
क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 16, 2026,
  • Updated May 16, 2026, 6:22 PM IST

देश में खेती और किसानों को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है. इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित 12, सफदरजंग रोड कैंप कार्यालय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) से जुड़ी एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में खेती-किसानी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कामकाज और चल रही योजनाओं की गहराई से समीक्षा की.

एम. एल. जाट नई तकनीकों की दी जानकारी

इस मौके पर आईसीएआर के महानिदेशक और डेयर सचिव एम. एल. जाट ने देशभर में चल रहे कृषि अनुसंधान, नई तकनीकों और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी. उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में परिषद किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किन नई योजनाओं पर काम कर रही है.

इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर प्रचार-प्रसार करने की सलाह

बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कृषि देश की बड़ी आबादी की जीविका का प्रमुख साधन है और भारतीय अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार प्रदान करती है. उन्होंने कहा कि हमारी सम्पूर्ण कोशिश और ऊर्जा इस दिशा में केंद्रित होनी चाहिए कि भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, कम लागत वाली और लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सके. केंद्रीय मंत्री ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देते हुए कहा कि किसानों को इसे व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए. उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और सतत कृषि (सस्टेनेबल फार्मिंग) को मजबूती मिलेगी.

जलवायु परिवर्तन की परिस्थितियों से निपटने पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वैज्ञानिक कृषि आज समय की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि भारत सहित विश्वभर में जलवायु परिवर्तन की समस्या अब प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगी है. इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्यों की कृषि-जलवायु (एग्रो-क्लाइमेटिक) परिस्थितियों के अनुरूप राज्यवार कृषि रोडमैप तैयार करने की दिशा में राज्यों की सहमति से तेजी से काम किया जाए.

4 राज्यों की मांग पर अलग-अलग कृषि रोडमैप तैयार

अधिकारियों ने शिवराज सिंह चौहान को बताया कि आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम और राजस्थान जैसे राज्यों की मांग पर अलग-अलग कृषि रोडमैप तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है. जल्द ही इन राज्यों के लिए खेती से जुड़ी विशेष योजनाएं और रणनीति तैयार कर ली जाएगी. बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की कार्ययोजना पर संतोष जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को और ज्यादा ऊर्जा और तेजी से काम करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि तय लक्ष्यों को समय से पहले पूरा करने के लिए पूरी मेहनत और गंभीरता के साथ काम किया जाए. इस बैठक में आईसीएआर के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. 

MORE NEWS

Read more!