फसल और पशुधन नुकसान पर एक्शन में योगी सरकार, प्रभावितों को तुरंत मदद के निर्देश

फसल और पशुधन नुकसान पर एक्शन में योगी सरकार, प्रभावितों को तुरंत मदद के निर्देश

उत्तर प्रदेश में आंधी, तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है. ऐसे मुश्किल समय में योगी सरकार ने राहत और सहायता को लेकर बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है.

आपदा पीड़ितों के साथ योगी सरकारआपदा पीड़ितों के साथ योगी सरकार
क‍िसान तक
  • Lucknow,
  • May 15, 2026,
  • Updated May 15, 2026, 10:34 AM IST

उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों आए तेज आंधी, भारी बारिश और आकाशीय बिजली ने कई परिवारों की जिंदगी को प्रभावित किया है. कहीं फसलें बर्बाद हुईं तो कहीं लोगों ने अपनों को खो दिया. ऐसे मुश्किल समय में योगी सरकार ने राहत और सहायता को लेकर बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है.  सीएम योगी ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों से मिलने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को तुरंत 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और किसानों, पशुपालकों समेत सभी प्रभावित लोगों तक जल्द राहत पहुंचाने के आदेश जारी किए गए हैं.

अधिकारियों को लोगों से मिलें के निर्देश

फसल खराब होने से नुकसान झेल रहे किसानों और पशुधन की हानि उठाने वाले परिवारों को भी सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाएगी. राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की. उन्होंने जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खुद प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से मिलें और यह सुनिश्चित करें कि जरूरतमंद परिवारों को समय पर हर जरूरी मदद मिल सके.

हालात पर नजर रखी जा रही है नजर

उन्होंने बताया कि राहत आयुक्त कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की खराब मौसम की चेतावनी के बाद ‘सचेत’ पोर्टल के जरिए लोगों को 34 करोड़ 64 लाख से ज्यादा रेड और ऑरेंज अलर्ट संदेश भेजे गए, ताकि लोग पहले से सतर्क रह सकें. सरकार ने कंट्रोल रूम को हाई अलर्ट पर रखा है और प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता राशि की लगातार निगरानी की जा रही है. राहत और आपदा हेल्पलाइन नंबर 1070 पर कॉल आते ही तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.

111 लोगों सहित 170 पशुओं की मौत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि हर प्रभावित परिवार तक सहायता राशि पूरी तरह और समय पर पहुंच सके. बता दें कि उत्तर प्रदेश में आंधी, तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है. राज्य के कई जिलों में आए भीषण तूफान और खराब मौसम के कारण अब तक कम से कम 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 72 लोग घायल बताए जा रहे हैं. इसके अलावा 170 पशुओं की मौत और 227 घरों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है.

फसल नुकसान पर मुआवजा तय

योगी सरकार ने प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है. वहीं, जिन किसानों की फसल को 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, उन्हें भी मुआवजा दिया जाएगा. सरकार के अनुसार, बारिश पर निर्भर खेती वाले क्षेत्रों में किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्रों में 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और 12 महीने वाली फसलों और कृषि वानिकी के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी. यह मुआवजा अधिकतम दो हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों को मिलेगा.

खेतों से गाद हटाने में भी आर्थिक मदद

अतिवृष्टि के कारण खेतों में जमा गाद और मलबा हटाने के लिए भी योगी सरकार ने 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता देने का प्रावधान किया है. इससे प्रभावित किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वे कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा करें, ताकि पात्र किसानों को समय पर राहत मिल सके.

पशुपालकों को भी आर्थिक मदद

योगी सरकार ने पशुपालकों को राहत देने के लिए भी व्यापक सहायता योजना लागू की है।.दुधारू पशुओं जैसे गाय-भैंस की मृत्यु पर 37,500 रुपये तक सहायता दी जाएगी. बैल और घोड़े जैसे गैर दुधारू पशुओं के लिए 32 हजार रुपये और बछड़ा, गधा, खच्चर और टट्टू के लिए 20 हजार रुपये की सहायता तय की गई है. भेड़, बकरी और सुअर की क्षति पर भी 4 हजार रुपये प्रति पशु आर्थिक मदद दी जाएगी. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहम भूमिका को देखते हुए सरकार की यह पहल प्रभावित परिवारों को राहत देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

राहत कार्यों की लगातार निगरानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए. शासन स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रभावित जिलों में राहत वितरण की समीक्षा हो रही है. सरकार का फोकस इस बात पर है कि आपदा से प्रभावित किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को समय पर सहायता मिल सके और वो जल्द सामान्य स्थिति में लौट सकें. (समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

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