फसल खरीद में गड़बड़ी पर लगाया जाएगा जुर्माना, सीएम सैनी ने दिया सख्त निर्देश

फसल खरीद में गड़बड़ी पर लगाया जाएगा जुर्माना, सीएम सैनी ने दिया सख्त निर्देश

CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. CM सैनी ने कहा कि अधिकारियों और कमीशन एजेंटों के बीच किसी भी तरह की मिलीभगत पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा.

CM Nayab Singh SainiCM Nayab Singh Saini
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jan 03, 2026,
  • Updated Jan 03, 2026, 5:49 PM IST

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. ऐसे में अगर कोई अधिकारी गड़बड़ी में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फसल खरीद पर एक मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए, सैनी ने संबंधित अधिकारियों को खरीद सीजन के दौरान फील्ड लेवल पर कड़ी निगरानी तय करने का निर्देश दिया.

मिलीभगत होने पर लगाया जाएगा भारी जुर्माना

CM सैनी ने कहा कि अधिकारियों और कमीशन एजेंटों के बीच किसी भी तरह की मिलीभगत पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही उन्होंने कहा कि खेतों से लेकर मंडियों तक एंड-टू-एंड मॉनिटरिंग 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल के ज़रिए की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की धोखाधड़ी वाली खरीद बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित विभागों को हर लेवल पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-I

बाद में, सैनी ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-I (DAYALU) के तहत 5,794 लाभार्थियों को 217.36 करोड़ रुपये जारी किए. अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक लगभग 50,000 लाभार्थियों को 1,881.35 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं, जो कम आय वाले परिवारों को आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है.

लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई की चेतावनी

सैनी ने कहा कि पारदर्शिता में सुधार किए गए हैं, जिसमें मृत्यु और विकलांगता प्रमाण पत्रों को परिवार पहचान पत्र से जोड़ना और लाभ सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर करना शामिल है. 'समाधान शिविर' की राज्य-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, सैनी ने उपायुक्तों को शिकायत निवारण शिविरों का व्यापक प्रचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि नागरिकों को उनकी तारीखों और समय के बारे में पता चल सके.

उन्होंने कहा कि जब तक शिकायतें पूरी तरह से हल नहीं हो जाती, तब तक उन्हें बंद नहीं किया जाना चाहिए, और अधिकारियों को लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी. अधिकारियों ने बताया कि पिछले छह महीनों में समाधान शिविरों के ज़रिए 17,600 से ज्यादा शिकायतें हल की गई हैं. (PTI)

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