
राजस्थान के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार को जयपुर के चोमू में कई फैक्ट्रियों का अचानक जायजा लिया और उन पर छापे मारे. छापों के दौरान, कृषि विभाग के प्रभारी मंत्री को भारी मात्रा में ऐसी मूंगफली मिली जिसमें कैंसर पैदा करने वाला 'एफ्लाटॉक्सिन' (afloxitocin) मौजूद था.
कृषि विभाग के अनुसार, इस घटिया क्वालिटी की मूंगफली के इंडोनेशिया और यूरोपीय देशों में निर्यात पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन नकली काम में शामिल फैक्ट्रियां इसे रंग-बिरंगी पैकेजिंग का इस्तेमाल करके भारत के किसानों को बेच रही थीं. इन पैकेट्स में मौजूद मूंगफली के बीजों में फंगस (कवक) और एफ्लाटॉक्सिन पाया गया था.
कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व में कृषि विभाग ने चोमू के सिल्वर पार्क (RIICO) स्थित फैक्ट्रियों पर छापा मारा. वहां पता चला कि 'श्री बालाजी एग्रो सीकर' ब्रांड नाम के तहत घटिया क्वालिटी के मूंगफली के बीजों की अवैध पैकेजिंग की जा रही थी. यह काम 'एग्रो जेनेक्स क्रॉप साइंस' और 'जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज' नाम की दो अनाधिकृत कंपनियां कर रही थीं.
कृषि विभाग ने राज्य के अलग-अलग जिलों, जिनमें सीकर, बीकानेर, जोधपुर और चूरू शामिल हैं, में भी एक साथ छापेमारी का अभियान शुरू किया. कृषि विभाग ने दावा किया कि राजस्थान में मारे गए इन छापों का मकसद किसानों के हितों की रक्षा करना और प्रभावी नियंत्रण बनाना है.
'इंडिया टुडे टीवी' को मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान के दौरान मौके पर ही कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई. वहां से मूंगफली के बीजों की किस्मों जैसे Kisan-510 (RG-510), SG-551 और RG-578 की पैकेजिंग के लिए रखे लाखों खाली बोरे बरामद किए गए, साथ ही हजारों की संख्या में पहले से पैक किए गए बोरे भी मिले.
इसके अलावा, फैक्ट्रियों के अंदर लगभग 60 लाख खाली मूंगफली के बोरे और लगभग 2 लाख साबुत मूंगफली के बोरे भी जब्त किए गए. इन साबुत मूंगफलियों से दाने निकालकर उनकी अवैध रूप से बीजों के तौर पर पैकेजिंग की जा रही थी.
छापेमारी के दौरान, मूंगफली के छिलके उतारने के लिए इस्तेमाल होने वाली हाई-टेक मशीनरी, साथ ही पैकेजिंग के बोरे सिलने वाली मशीनें भी बरामद की गईं. इस पूरे मामले के संबंध में, जिन फैक्ट्रियों पर छापेमारी हुई, उनके खिलाफ लागू नियमों और कानूनों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है.
"हमने चोमू स्थित इस फैक्ट्री से जांच के लिए सैंपल भेजने का फैसला किया है. हमने इस फैक्ट्री को सील करने का निर्णय लिया है. राजस्थान में चौदह जगहों पर छापेमारी की जा रही है," कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इंडिया टुडे टीवी को बताया.(देव अंकुर की रिपोर्ट)