पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, ईंधन की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई किसानों की टेंशन; खेती की लागत में होगा इजाफा

पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, ईंधन की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई किसानों की टेंशन; खेती की लागत में होगा इजाफा

भारत में कृषि क्षेत्र का बड़ा हिस्सा डीजल पर निर्भर है. ऐसे में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है और खरीफ सीजन से पहले खेती की लागत को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम (AI- Image)फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम (AI- Image)
संदीप कुमार
  • Noida,
  • May 25, 2026,
  • Updated May 25, 2026, 8:38 AM IST

सप्ताह का पहला दिन आम लोगों के साथ-साथ किसानों के लिए भी महंगाई का नया झटका लेकर आया है, क्योंकि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है. पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं. चार साल तक कीमतों को स्थिर रखने के बाद 15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी का सिलसिला अब लगातार जारी है और अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुल 7 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा का इजाफा हो चुका है. सोमवार यानी आज तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. ऐसे में बढ़ती कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर खेती-किसानी पर भी पड़ने वाला है.

दाम बढ़ने से खेती की लागत में होगा इजाफा

दरअसल, भारत में कृषि क्षेत्र का बड़ा हिस्सा डीजल पर निर्भर है. खेतों की जुताई से लेकर बुवाई, सिंचाई, फसल कटाई और मंडी तक उपज पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर, पंपसेट, हार्वेस्टर और मालवाहक वाहन बड़ी मात्रा में डीजल का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में खरीफ सीजन से पहले डीजल महंगा होने से किसानों की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है.

किसानों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू होने वाली हैं. कई राज्यों में किसान खेतों की तैयारी, जुताई और धान समेत अन्य फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे हैं. ऐसे समय में डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी किसानों की लागत पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है. खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण बन सकती है, क्योंकि खेती में पहले से ही बीज, खाद और मजदूरी की लागत बढ़ रही है.

कई राज्यों में हो रही डीजल की किल्लत

इस बीच, कई राज्यों में डीजल लेने के लिए पेट्रोल पंपो पर किसानों का जमावड़ा लग रहा है. वहीं, किसानों का कहना है कि डीजल महंगा होने से सिंचाई का खर्च बढ़ेगा, ट्रैक्टर चलाने की लागत बढ़ेगी और फसल को बाजार तक पहुंचाने में भी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा. इसका असर खेती की कुल लागत पर पड़ेगा, जबकि किसानों को अपनी उपज का उसी अनुपात में बेहतर दाम नहीं मिल पाता है.

डीजल के बढ़ते दामों का असर खेतों तक

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर खाद्य उत्पादन लागत पर भी दिखाई दे सकता है. उत्पादन लागत बढ़ने से किसानों की आय प्रभावित हो सकती है और आगे चलकर इसका असर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ सकता है. ऐसे में किसानों की मांग है कि सरकार खेती-किसानी से जुड़े डीजल उपयोग पर राहत देने पर विचार करे. फिलहाल पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है और खरीफ सीजन से पहले खेती की लागत को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

MORE NEWS

Read more!