
हरियाणा सरकार के खिलाफ एक बार फिर किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. इस बार हरियाणा सरकार के खिलाफ यह मोर्चा इसलिए खोला गया है, क्योंकि सरकार ने मंडियों में जो किसान फसल लेकर पहुंच रहा है उसके लिए बायोमेट्रिक हाजिरी और ट्रैक्टर ट्राली के नंबर के साथ-साथ कई नियम लागू किए हैं. लेकिन किसान इन नियमों का विरोध कर रहे हैं और किसानों का साथ अबकी बार राजनीतिक संगठन भी दे रहे हैं. आज सोनीपत से गुजरने वाले और गोहाना जींद को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर गांव रतनगढ़ के पास संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने अपना विरोध जताया और स्टेट हाईवे को जाम कर दिया.
इस दौरान किसानों के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सोनीपत पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके. वहीं, इस बीच किसानों ने कहा कि जब सरकार किसानों से डरती है तो पुलिस को आगे करती है. यह भी हमारे बच्चे हैं इसलिए हमारे सामने हमारे ही बच्चों को लाकर सरकार खड़ा कर रही है.
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि सरकार किसानों को जानबूझकर परेशान कर रही है. बायोमेट्रिक और ट्रैक्टर ट्राली का नंबर हर किसान के लिए दे पाना संभव नहीं है. सरकार वैसे तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीदने का दावा कर रही है लेकिन किसानों को बेवजह दुखी किया जा रहा है. हमने सरकार से काफी बार इस मामले को लेकर चिट्ठी भी लिखी है लेकिन सरकार की तरफ से कोई भी सकारात्मक बातचीत का न्योता नहीं दिया गया है, और आज हमने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए सोनीपत गोहाना जींद स्टेट हाईवे पर जाम लगाया है, अगर सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा.
हरियाणा में किसान और सरकार के बीच टकराव की स्थिति हर 5 महीने में देखने को मिल जाती है, लेकिन इस बार तो हरियाणा सरकार के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल यह दर्शा रहा है कि किस एक बार फिर सरकार के समक्ष एक बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में लगे हुए हैं, और संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य संगठन अलग-अलग तरीके से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं. सोनीपत गोहाना जींद स्टेट हाईवे पर किसानों के इस प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है पुलिस के आला अधिकारी किसानों को समझने में लगे हुए हैं. वहीं, किसान भी सरकार और पुलिस के सामने डटे हुए हैं किसानों का कहना है कि हम 3 बजे तक यह जाम रखेंगे अगर सरकार ने हमारी बातें और हमारी मांगे नहीं मानी तो आगामी आंदोलन बड़ा होगा.