फसल खरीद पर सियासी घमासानहरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर फसल खरीद के मामले में किसानों को 'गुमराह' करने का आरोप लगाते हुए उन पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार ने सभी मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और बिना किसी परेशानी के सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और मजबूत व्यवस्थाएं लागू की हैं. उन्होंने कहा कि हर मंडी में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलेवार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, और मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी लगातार जमीनी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो.
बता दें कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुरुवार को सरकार पर फसल खरीद पर 'मनमानी' शर्तें थोपने का आरोप लगाया था. विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि हरियाणा में भाजपा सरकार किसानों पर लगातार नई-नई शर्तें थोप रही है, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकार को फसलें खरीदनी ही न पड़ें. हुड्डा, जो राज्य की अनाज मंडियों का दौरा कर रहे हैं, उन्होंने मंडियों में कुप्रबंधन का आरोप लगाया और कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि अपने 10 साल के शासन के दौरान, शासन-प्रशासन हाशिए पर चला गया था और किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया था. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों के बाहर तीन से सात दिनों तक इंतजार करना पड़ता था, उन्हें बारदानों (बोरी) की कमी का सामना करना पड़ता था, और अक्सर बारिश के कारण उनकी फसलें खराब हो जाती थीं, जिससे उन्हें अपने खर्च पर तिरपालों का इंतजाम करना पड़ता था.
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके कार्यकाल के दौरान फसलों को सुरक्षित रखने के लिए कितने गोदाम बनाए गए थे. उन्होंने दावा किया कि खरीद में कटौती, भुगतान में देरी और यहां तक कि 2 रुपये का नाममात्र का मुआवजा भी किसानों के प्रति पिछली सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है. CM सैनी ने जोर देकर कहा कि हम अपने किसानों द्वारा पैदा किया गया एक-एक दाना खरीदेंगे.
CM सैनी ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां जन कल्याण के उद्देश्य से नहीं थीं, बल्कि सीमित हितों की पूर्ति के लिए थीं, उन्होंने आगे कहा कि इस पुरानी पार्टी का अब जमीनी हकीकतों से कोई वास्ता नहीं रह गया है. सैनी ने बताया कि राज्य में 28 मार्च से सरसों की खरीद जारी है. अब तक मंडियों में 16,046 मीट्रिक टन सरसों पहुंची है, जिसमें से 3,421 मीट्रिक टन की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई है, जबकि शेष सरसों निजी व्यापारियों ने खरीदी है. मंडियों से कुल 1,558 मीट्रिक टन सरसों उठाई जा चुकी है. उन्होंने बताया कि अब तक, 6,200 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों के बैंक खातों में 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के माध्यम से 4.94 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे जमा किया जा चुका है.
इसी तरह मुख्यमंत्री के अनुसार, गेहूं की खरीद, जो 1 अप्रैल को शुरू हुई थी, उसमें अब तक 17.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से 3.92 लाख मीट्रिक टन की खरीद अब तक की जा चुकी है. वहीं, किसानों को 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के MSP पर DBT के माध्यम से 13.09 करोड़ रुपये का भुगतान जारी किया गया है.
6, 7 और 8 अप्रैल को हुई बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का जिक्र करते हुए सीएम सैनी ने बताया कि फतेहाबाद, हिसार, सिरसा और कुरुक्षेत्र जिलों के कुछ हिस्सों से नुकसान की रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए उन्होंने संबंधित उपायुक्तों (Deputy Commissioners) से व्यक्तिगत रूप से बात की है.
उन्होंने आगे बताया कि हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिलों में फसल को हुए नुकसान के दावों को दर्ज करने के लिए एक पोर्टल शुरू किया गया है, और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी इसी तरह के कदम उठाए जाएंगे. अब तक, 1,350 किसानों ने इस पोर्टल पर अपनी फसलों को हुए नुकसान को दर्ज कराया है, जो कुल 10,088 एकड़ भूमि को कवर करता है. इसमें फतेहाबाद के नौ गांव, हिसार के 10 गांव और सिरसा के दो गांव शामिल हैं. (PTI)
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