किसान आंदोलन (AI Generated Image)हरियाणा में आज एक बार फिर किसान सड़कों पर उतरने वाले हैं. फसल खरीद में नई शर्तों के कारण समस्याओं को लेकर किसान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे. इसे लेकर शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हरियाणा में 11 अप्रैल को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन के अपील को देखते हुए, पुलिस ने पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. इस संबंध में, पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंघल ने कहा कि किसान संगठनों द्वारा प्रस्तावित नाकाबंदी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि अतीत में भी, ऐसे तत्वों ने इसी तरह के विरोध प्रदर्शनों के दौरान स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की है. इसलिए उन्होंने कहा है कि किसी भी अप्रिय स्थिति को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बनाए रखना सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही एक मजबूत और प्रभावी रणनीति बनाना जरूरी है.
BKU नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि किसानों को फसल खरीद में नई शर्तों के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. मोगा में उन्होंने कहा था कि आज सुबह यानी 11 अप्रैल को 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक, हम सड़कों पर नाकेबंदी करेंगे. विपक्षी दलों और कुछ किसान समूहों ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने किसानों की फसलें खरीदने के लिए "मनमाने ढंग से" कई शर्तें थोप दी हैं, जैसे कि पोर्टल पंजीकरण, गेट पास, बायोमेट्रिक सत्यापन, ट्रैक्टर पंजीकरण संख्या, सामान्य सत्यापन, और अन्य.
ऐसे में पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने खुफिया नेटवर्क को सक्रिय करें और उन स्थानों पर पर्याप्त इंतजाम करें जहां विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की गई है. उन्होंने कहा है कि तैनात पुलिस बल को ठीक से जानकारी देना जरूरी है, और कहा है कि सभी कर्मियों को पता होना चाहिए कि किसी भी दी गई स्थिति में कब और कैसे कार्रवाई करनी है.
DGP ने कहा है कि जहां हर किसी को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने का लोकतांत्रिक अधिकार है, वहीं कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विरोध प्रदर्शनों के दौरान यातायात बाधित न हो, इसका निर्देश देते हुए उन्होंने आगे कहा कि SPs को जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए, जिसमें यातायात मार्ग बदलने की योजनाओं की तैयारी भी शामिल है, ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो.
DGP ने यह भी कहा कि मंडी के गेटों पर कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही सुचारू रूप से चलती रहनी चाहिए. पुलिस अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसान नेताओं के साथ बैठकें करें और शांति और सहयोग की अपील करें.
ADGP (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार ने निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखने के लिए विरोध स्थलों और आस-पास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि ट्रैफिक मैनेजमेंट सुचारू रूप से चलना चाहिए और हाईवे और टोल प्लाज़ा जैसी संवेदनशील जगहों पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए.
ADGP CID सौरभ सिंह ने कहा कि विरोध प्रदर्शन वाली जगहों पर तैनात अधिकारियों को किसानों से बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि ज्यादातर मसले बातचीत से ही हल हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि अगले 5-6 दिन फसलों की खरीद और उठान के लिहाज से बहुत अहम हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि मंडियों और आस-पास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित इंतजाम किए जाएं. उन्होंने कहा कि इसका मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि किसानों को मंडियों में किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े.
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने किसानों से अपील की है कि वे राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी उकसावे से गुमराह न हों. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. (PTI)
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