
केंद्र सरकार ने नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (NCCF) के जरिये होने वाली प्याज की खरीद के लिए क्वालिटी की शर्तों में ढील दी है. इस कदम से नासिक के किसानों से खरीद बढ़ने की उम्मीद है.
उपभोक्ता मामले विभाग (DoCA) ने यह फैसला तब लिया, जब इन दोनों एजेंसियों की प्याज खरीद उम्मीद से काफी कम रही. पिछले पखवाड़े में, NAFED और NCCF ने मिलकर 2 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले केवल 1.55 लाख मीट्रिक टन प्याज की खरीद की.
DoCA के वरिष्ठ अधिकारियों ने 2 जून को नई दिल्ली में एक बैठक में खरीद की स्थिति का जायजा लिया. इस बैठक में NAFED, NCCF और सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (CWC) के प्रतिनिधि शामिल थे. CWC ही इन दोनों एजेंसियों के खरीदे गए प्याज को स्टोर करने के लिए जिम्मेदार है.
खरीद एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, क्वालिटी की सख्त शर्तों के कारण मंडियों में बिक्री के लिए लाए गए प्याज को खरीद एजेंसियों ने रिजेक्ट कर दिया. इस बारे में एजेंसियों ने चिंता भी जाहिर की और बताया कि खरीद की पूरी प्लानिंग के बावजूद क्वालिटी के कारण बड़ी मात्रा में प्याज रिजेक्ट कर दिया गया.
बैठक में चर्चाओं के बाद, DoCA ने 2 जून को एक मेमोरेंडम जारी किया, जिसमें खरीद के नियमों में कुछ ढील की विस्तार से जानकारी दी गई थी. इस पेपर पर विभाग की प्राइस मॉनिटरिंग डिवीजन की सहायक निदेशक मुस्कान जैन ने हस्ताक्षर किए.
खरीद की नई गाइडलाइंस के तहत, 'ग्रेड A' प्याज की शर्तों में ढील दी गई है. प्याज के कंद (बल्ब) की मोटाई सीमा को 45-65 मिमी से बढ़ाकर 35-70 मिमी कर दिया गया है.
नासिक जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "ग्रेड A प्याज की शेल्फ लाइफ (भंडारण क्षमता) से समझौता किए बिना खरीद प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से, ग्रेड A प्याज के कंदों के मानकों में ढील देने का फैसला किया गया है. अब मोटाई की सीमा 45-65 मिमी से बदलकर 35-70 मिमी कर दी गई है."
एक अन्य अहम फैसले में, NAFED और NCCF को एक नई श्रेणी के तहत प्याज खरीदने की अनुमति दी गई है, जिसे 'ग्रेड अंडर रिलैक्स्ड स्पेसिफिकेशन्स' (URS) नाम दिया गया है. इस श्रेणी में ऐसे प्याज शामिल हैं जिनकी सतह पर 40% तक दाग या रंग में बदलाव हो सकता है, और 10% तक 'सनबर्न' (धूप से होने वाला नुकसान) हो सकता है.
केंद्र सरकार ने NAFED को नासिक जिले के उन ग्रामीण इलाकों में भी अतिरिक्त खरीद केंद्र खोलने की अनुमति दी है, जो अभी खरीद अभियान के दायरे में नहीं आते हैं.
एक अधिकारी ने कहा, "किसानों का एक बड़ा वर्ग अब अपनी उपज इन दोनों एजेंसियों को बेच सकेगा, भले ही उनकी उपज पहले निर्धारित ग्रेड A के मानकों पर खरी न उतरती हो."