
मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है.नर्मदापुरम (होशंगाबाद) से शुरू हुआ किसानों का पैदल मार्च बुधवार को भोपाल पहुंच गया.पूरे दिन होशंगाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर हजारों किसानों का प्रदर्शन जारी रहा. किसानों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी, लेकिन शाम तक किसानों की भारी भीड़ सभी अवरोध पार करते हुए राजधानी के भीतर पहुंच गई.
शाम करीब 5 बजे किसानों का बड़ा जत्था बैरिकेड पार कर आगे बढ़ा. प्रदर्शनकारियों ने सबसे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास के बाहर प्रदर्शन किया.इसके बाद किसान न्यू मार्केट क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास के नजदीक पहुंच गए. पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई.
इस बार आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत किसानों के साथ बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी रही. 4,000 से अधिक किसानों के इस पैदल मार्च में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए, जिससे आंदोलन और अधिक प्रभावी होता दिखाई दिया. लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया.
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि यदि सरकार केवल 25 प्रतिशत मूंग खरीदी करने की नीति पर अड़ी रहती है, तो किसान भी भविष्य में केवल 25 प्रतिशत ही मूंग की खेती करेंगे.किसानों का कहना है कि जब तक MSP पर 100 प्रतिशत मूंग खरीदी का फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा.किसानों ने इसे आर-पार की लड़ाई बताते हुए सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की है.
पिछले दो दिनों में किसान प्रतिनिधियों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है. देर शाम भी सरकार द्वारा गठित चार मंत्रियों की समिति और किसान प्रतिनिधियों के बीच वार्ता जारी रही. किसानों का कहना है कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे भोपाल से वापस नहीं लौटेंगे.
भोपाल में किसानों का यह आंदोलन अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. यदि सरकार और किसान नेताओं के बीच सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना है. पूरे प्रदेश की नजर अब इस वार्ता के नतीजे पर टिकी हुई है.