भोपाल में किसानों का शक्ति प्रदर्शन! बैरिकेड टूटे, CM हाउस की ओर बढ़े हजारों किसान, सरकार की बढ़ी टेंशन

भोपाल में किसानों का शक्ति प्रदर्शन! बैरिकेड टूटे, CM हाउस की ओर बढ़े हजारों किसान, सरकार की बढ़ी टेंशन

भोपाल में मूंग की 100% MSP खरीदी की मांग को लेकर हजारों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया. मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ते किसानों को रोकने के लिए SAF, RAF और 20 से अधिक थानों की पुलिस तैनात की गई. आंदोलन के बीच सरकार और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है.

धर्मेंद्र सिंह
  • Bhopal ,
  • Jul 28, 2026,
  • Updated Jul 28, 2026, 8:53 PM IST

मध्य प्रदेश में मूंग की 100 प्रतिशत MSP पर खरीदी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन अब अपने सबसे अहम दौर में पहुंच गया है.संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 19 किसान संगठनों की 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' मंगलवार को राजधानी भोपाल पहुंच गई. नर्मदापुरम से शुरू हुई इस यात्रा में प्रदेशभर से हजारों किसान शामिल हुए, जिन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवास की ओर कूच कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की.

किसानों के बढ़ते जनसैलाब को देखते हुए राजधानी को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया. SAF, RAF और 20 से अधिक थानों की पुलिस को तैनात किया गया. कई किलोमीटर तक बैरिकेडिंग की गई, लेकिन किसानों का काफिला कई जगह इन्हें पार करते हुए आगे बढ़ गया. देर शाम तक आंदोलनकारी मुख्यमंत्री निवास के नजदीकी क्षेत्र तक पहुंच गए, जिससे प्रशासन में हलचल तेज हो गई.

भोपाल की सड़कों पर उमड़ा किसानों का सैलाब

सुबह से ही भोपाल-होशंगाबाद मार्ग पर किसानों का काफिला बढ़ता रहा. ट्रैक्टर, झंडे और नारों के साथ हजारों किसान राजधानी में दाखिल हुए.किसानों का कहना था कि जब तक सरकार मूंग की 100 फीसदी खरीदी का स्पष्ट आदेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. राजधानी के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा. कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और प्रशासन को रूट डायवर्ट करने पड़े.

अब्दुल्लागंज से भोपाल तक कई जगह बैरिकेडिंग

प्रशासन ने किसानों को राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए अब्दुल्लागंज से लेकर भोपाल तक कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे. मंडीदीप और कलियासोत नदी पुल के पास भी पुलिस ने रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन किसानों की संख्या अधिक होने के कारण कई बैरिकेड हट गए और काफिला आगे बढ़ता रहा. कुछ स्थानों पर पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, हालांकि किसी बड़े टकराव की सूचना नहीं मिली. पुलिस लगातार किसानों से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने की अपील करती रही.

CM हाउस की ओर बढ़ते कदम, सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी

किसानों के मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की सूचना मिलते ही बरकतउल्ला ब्रिज के पास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया. सड़क पर बसें खड़ी कर रास्ता बंद किया गया और कई लेयर की बैरिकेडिंग बनाई गई. प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल को भी अलर्ट रखा. रात 8:00 तक आंदोलन पैदल मार्च करते हुए सीएम आवास के नजदीक पहुंच चुका हैं. उन्हें रोकने के लिए जगह-जगह पुलिस बैरिकेट्स लगाए गए हैं, लेकिन किसान पुलिस बल से धक्का मुक्की करते हुए लगातार आगे बढ़ रहा है.

मुख्यमंत्री ने किसान प्रतिनिधि को वार्ता के लिए बुलाया

भोपाल में किसान आंदोलन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मुख्यमंत्री आवास के नजदीक पहुंचते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया है. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है.

वहीं, किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी एमएसपी पर 100% मूंग खरीदी की मांग नहीं मान लेती, तब तक वे भोपाल से वापस नहीं लौटेंगे. किसानों ने स्पष्ट किया है कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

क्या है किसानों की सबसे बड़ी मांग?

संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि सरकार ने किसानों से मूंग का एक-एक दाना खरीदने का वादा किया था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में केवल सीमित मात्रा में ही खरीदी की जा रही है. किसानों का आरोप है कि इससे बड़ी मात्रा में उनकी उपज MSP से कम कीमत पर बेचने की नौबत आ रही है. किसान नेताओं का कहना है कि जब तक 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी का आदेश जारी नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

सरकार ने दिया भरोसा

आंदोलन के बीच भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए संकल्पित है और मूंग सहित अन्य फसलों की खरीदी भी नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी.

किसान नेताओं का सरकार पर हमला

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि किसानों को भरोसा दिया गया था कि पूरी उपज खरीदी जाएगी, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा नहीं हो रहा. उनका कहना है कि पिछले एक महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और मुख्यमंत्री निवास के घेराव सहित बड़े स्तर पर प्रदर्शन जारी रहेगा.

प्रदेश की राजनीति पर भी पड़ेगा असर

भोपाल में उमड़ा किसानों का यह जनसैलाब सिर्फ मूंग खरीदी तक सीमित नहीं माना जा रहा. इसे किसानों की नाराजगी और सरकार पर बढ़ते दबाव के रूप में भी देखा जा रहा है. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार किसानों से बातचीत कर कोई समाधान निकालती है या आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेता है.

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