खरीफ 2026 के लिए खाद सप्लाई मजबूत, सरकार ने जताया भरोसा, स्टॉक 51% तक पहुंचा

खरीफ 2026 के लिए खाद सप्लाई मजबूत, सरकार ने जताया भरोसा, स्टॉक 51% तक पहुंचा

केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए देश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा जताया है. मौजूदा स्टॉक 51% तक पहुंच चुका है, जबकि जैविक खाद की मांग में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है.

The effect of higher fuel prices was particularly visible in transport-related expenses. The effect of higher fuel prices was particularly visible in transport-related expenses.
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Jun 15, 2026,
  • Updated Jun 15, 2026, 6:25 PM IST

अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के शांति समझौते की घोषणा के बाद देश में उर्वरक आपूर्ति को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए भरोसा दिलाया है कि खरीफ 2026 सीजन के दौरान खादों की कोई कमी नहीं होगी. रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि देश का उर्वरक स्टॉक पूरी तरह संतोषजनक स्थिति में है.

मंत्रालय में उर्वरक विभाग की संयुक्त सचिव बंदना प्रेयशी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) ने खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की कुल आवश्यकता 383.9 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) आंकी है. इसके मुकाबले मौजूदा स्टॉक 196.65 एलएमटी है, जो कुल आवश्यकता का लगभग 51 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि आम तौर पर यह स्तर करीब 33 प्रतिशत रहता है, ऐसे में इस बार स्थिति अधिक मजबूत है.

102.78 एलएमटी रासायनिक उर्वरकों की खरीद

प्रेयशी ने खाद की उपलब्धता में इस सुधार का श्रेय सरकार की बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण (एडवांस स्टॉकिंग) और कुशल लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को दिया. उन्होंने बताया कि इन कदमों की वजह से देशभर में उर्वरकों का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जा सका है.

मंत्रालय के अनुसार, खरीफ सीजन के दौरान अब तक किसानों ने 102.78 एलएमटी रासायनिक उर्वरकों की खरीद कर ली है, जो कुल जरूरत का करीब 27 प्रतिशत है. इससे यह संकेत मिलता है कि खेतों में बुवाई के साथ उर्वरकों का उपयोग भी नियमित रूप से जारी है.

वहीं, जैविक खाद के क्षेत्र में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला है. वर्तमान में देश में 22.67 एलएमटी ऑर्गेनिक मैन्योर का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि किसानों ने 11.82 एलएमटी की खरीद की है. गौरतलब है कि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा केवल 3.31 एलएमटी था. इस उल्लेखनीय वृद्धि को सरकार किसानों की बदलती प्राथमिकताओं का संकेत मान रही है.

सरकार का दावा-सप्लाई चेन मजबूत

प्रेयशी ने कहा कि जैविक खाद की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि किसान धीरे-धीरे रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की ओर भी रुख कर रहे हैं. यह सरकार के सतत कृषि (सस्टेनेबल फार्मिंग) को बढ़ावा देने के प्रयासों के अनुरूप है.

उर्वरक आपूर्ति के स्रोतों पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि हाल की परिस्थितियों के बाद देश में 123.65 एलएमटी का घरेलू उत्पादन और 39.36 एलएमटी का आयात किया गया है. इस तरह कुल 163.01 एलएमटी उर्वरक उपलब्धता में जोड़े गए हैं, जिससे सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है.

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा खरीफ सीजन में उर्वरक उपलब्धता को लेकर कोई बड़ी चुनौती सामने नहीं आई है. समय पर सप्लाई और पर्याप्त स्टॉक के कारण किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है. कुल मिलाकर, सरकार का दावा है कि देश खरीफ 2026 के लिए पूरी तरह तैयार है और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है.(ANI)

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