
खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन बेमेतरा लगातार सख्ती बरत रहा है.इसी कड़ी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवकर तहसील के ग्राम गाड़ाडीह में अवैध रूप से भंडारित 585 बोरी उर्वरक जब्त कर गोदाम को सील कर दिया है.
जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़ी मात्रा में उर्वरकों का अवैध भंडारण किया गया है. इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने छापेमारी की. जांच के दौरान गोदाम में करीब 29.25 मीट्रिक टन उर्वरक अवैध रूप से भंडारित पाया गया. जब्त किए गए उर्वरकों में बायो पोटाश और बायो ऑर्गेनिक फास्फेट शामिल हैं.
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने उर्वरकों के नमूने भी एकत्रित किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अमानक खाद के कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.यदि किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी.
जिला प्रशासन ने कहा है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों के हितों की रक्षा के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे. उर्वरकों की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिले भर में नियमित निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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