
खरीफ सीजन की खेती अब धीरे-धीरे अपने अंतिम पड़ाव की ओर है. इसके साथ ही अब अगस्त में किसानों को खादों की सबसे ज्यादा जरूरत होगी. वहीं, राज्य के अंदर किसानों को समय पर और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हों. इसको लेकर कृषि विभाग द्वारा कई तरह के आदेश जारी किए गए हैं. विभागीय योजनाओं और खाद को लेकर की गई समीक्षा बैठक में विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि उर्वरक बिक्री में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो अब केवल रिटेलर ही नहीं, बल्कि संबंधित थोक विक्रेता और कंपनियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी. वहीं, खादों की कालाबाजारी करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि हाल के समय में राज्य के पास पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हैं.
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि खादों की कालाबाजारी, जमाखोरी, टैगिंग या किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता के प्रति राज्य सरकार की "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रही है. अगर किसानों के साथ किसी भी तरह का अन्याय होता है, तो वह चाहे कोई भी हो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. चाहे वह कोई दोषी व्यक्ति हो या संबंधित पदाधिकारी, सभी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने राज्य के सभी 38 जिलों के कृषि पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर जिले के सभी उर्वरक प्रतिष्ठानों का शत-प्रतिशत निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए. साथ ही नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाया जाए.
कृषि मंत्री ने बताया कि हाल के समय तक राज्य में खरीफ मौसम के लिए सभी प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. इसके लिए किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. अभी 4.30 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.35 लाख मीट्रिक टन डी.ए.पी., 2.50 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.69 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 1.30 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उर्वरकों का संतुलित और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक किसान को उसकी जरूरत के अनुसार उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध हो सके.
राज्य के अंदर नकली खाद और कालाबाजारी को रोकने के लिए कृषि मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि खाद की बिक्री के साथ किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग या अनिवार्य बिक्री की शिकायत पर संबंधित दुकानदार पर सख्त कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान बिना पूर्व सूचना के दुकान बंद पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. आगे उन्होंने आदेश देते हुए कहा कि सभी जिलों में खाद दुकानों से नमूने लेकर क्वालिटी परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे जाएं, ताकि अमानक खादों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके. वहीं, प्राप्त सभी शिकायतों की जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए.