सोलर कंपनी पर किसानों का बड़ा आरोप, खरपतवारनाशी के छिड़काव से 50% फसलें बर्बाद

सोलर कंपनी पर किसानों का बड़ा आरोप, खरपतवारनाशी के छिड़काव से 50% फसलें बर्बाद

महाराष्ट्र के बीड जिले में 20 से अधिक किसानों ने एक सोलर पावर कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. किसानों का दावा है कि कंपनी द्वारा किए गए खरपतवारनाशी के छिड़काव से कपास, अरहर और पपीते की खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

खरपतवारनाशी से फसलों को नुकसान (सांकेतिक तस्वीर)खरपतवारनाशी से फसलों को नुकसान (सांकेतिक तस्वीर)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 06, 2026,
  • Updated Aug 06, 2026, 12:33 PM IST

महाराष्ट्र के बीड जिले से किसानों की फसल को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है. दरअसल, जिले के कुक्कड़गांव गांव के 20 से अधिक किसानों ने आरोप लगाया है कि एक सोलर पावर कंपनी की लापरवाही के कारण उनकी खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं. किसानों का कहना है कि कंपनी ने अपने सोलर प्लांट परिसर में खरपतवार खत्म करने के लिए हर्बीसाइड (खरपतवार नाशक) का छिड़काव किया था. तेज हवा के कारण यह केमिकल आसपास के खेतों तक पहुंच गया, जिससे कपास, अरहर और पपीते की फसल को भारी नुकसान हुआ.

60 लाख रुपये से अधिक का नुकसान

किसानों के अनुसार, इस घटना से उन्हें 60 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि खरपतवारनाशी के छिड़काव के बाद फसलें अचानक मुरझाने लगीं और उनकी बढ़वार पूरी तरह रुक गई. कई खेतों में पौधे सूखने लगे, जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद खत्म हो गई है.

सोलर कंपनी को ठहराया जाए जिम्मेदार

प्रभावित किसानों ने इस मामले को लेकर बीड के जिला कलेक्टर और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि सोलर कंपनी को इस नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए और किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए. किसानों का कहना है कि उनकी पूरी मेहनत और लागत बर्बाद हो गई है, इसलिए उन्हें आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए.

कृषि विभाग की टीम ने किया पंचनामा

शिकायत मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया. तालुका शिकायत निवारण समिति के सदस्यों और कृषि विशेषज्ञों ने संयुक्त निरीक्षण किया और नुकसान का पंचनामा भी तैयार किया. अधिकारियों ने प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर फसलों की स्थिति का आकलन किया. बीड तहसील के कृषि अधिकारी यू. ए. गर्जे ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में करीब 50 प्रतिशत खड़ी फसल खराब हो चुकी है. उन्होंने कहा कि नुकसान का रिकॉर्ड तैयार कर लिया गया है और आगे की प्रक्रिया संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी.

किसानों ने की मुआवजे की मांग

हालांकि, किसानों का कहना है कि कई बार ज्ञापन देने और सरकारी जांच होने के बावजूद अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है. इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. प्रभावित किसान राजाभाऊ महाराज कुटे ने कहा कि यह नुकसान बहुत बड़ा है और इसकी भरपाई बिना सरकारी मदद के संभव नहीं है. उन्होंने मांग की कि सोलर कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए और किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए. किसानों का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी. वे चाहते हैं कि सरकार इस मामले में सख्त कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी भी कंपनी की लापरवाही से किसानों की फसलें बर्बाद न हों और प्रभावित किसानों को समय पर न्याय मिल सके. (PTI)

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