बिहार में नकली कीटनाशकों पर सख्ती, ऑनलाइन बिक्री करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

बिहार में नकली कीटनाशकों पर सख्ती, ऑनलाइन बिक्री करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

बिहार सरकार ने ई‑कॉमर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नकली और बिना रजिस्ट्रेशन वाले कीटनाशकों की बिक्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. कृषि विभाग ने कंपनियों को चेतावनी देते हुए किसानों से केवल रजिस्टर्ड प्रोडक्ट खरीदने की अपील की है.

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अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • पटना,
  • May 28, 2026,
  • Updated May 28, 2026, 1:22 PM IST

बिहार सरकार के कृषि विभाग ने डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर नकली और बिना रजिस्ट्रेशन वाले कीटनाशकों की बिक्री पर सख्त रुख अपनाया है. कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में स्पष्ट चेतावनी दी कि राज्य के किसानों, उपभोक्ताओं और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए विभाग इस दिशा में सतर्क निगरानी रख रहा है.

ई-कॉमर्स पर अवैध बिक्री को लेकर चिंता

कृषि निदेशक ने कहा कि अलग-अलग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनलों के जरिए बगैर रजिस्ट्रेशन वाले कीटनाशक, फफूंदनाशक, खरपतवारनाशक और चूहानाशक खुले आम बेचे और प्रचार किए जा रहे हैं. यह बेहद गंभीर मुद्दा है. उन्होंने बताया कि विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि किसान इन अवैध उत्पादों को ऑनलाइन खरीद रहे हैं, जो ना सिर्फ उनकी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं बल्कि मिट्टी की उर्वरता, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं.

केवल रजिस्टर्ड कीटनाशक ही वैध

कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि देश और राज्य में केवल उन्हीं कीटनाशकों की बिक्री, भंडारण और उपयोग की अनुमति है जो कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत रजिस्टर्ड हैं. बिना रजिस्ट्रेशन वाले या नकली कीटनाशक ना सिर्फ फसल को बर्बाद करते हैं बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान भी पहुंचाते हैं. ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल भूमि की उर्वरता घटाता है, फसल की क्वालिटी खराब करता है और लंबे समय में इंसानों और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंचाता है.

ई-कॉमर्स कंपनियों को सख्त निर्देश

कृषि विभाग ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया चलाने वालों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे केवल रजिस्टर्ड और वैध कीटनाशकों का ही प्रचार-प्रसार और बिक्री सुनिश्चित करें. किसी भी बिना रजिस्ट्रेशन या संदिग्ध उत्पाद को बेचने या प्रमोट करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. 

निदेशक ने चेतावनी दी कि यदि किसी कंपनी या विक्रेता द्वारा अवैध कीटनाशकों की बिक्री की शिकायत मिली तो कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने सभी संबंधित प्लेटफॉर्म्स को तुरंत इस दिशा में जरूरी कदम उठाने को कहा है.

किसानों से अपील, सतर्क रहें

कृषि विभाग ने किसानों से विशेष अपील की है कि वे कीटनाशक खरीदते समय हमेशा अधिकृत विक्रेताओं और रजिस्टर्ड उत्पादों को ही चुनें. किसी भी संदिग्ध या सस्ते ऑनलाइन उत्पाद से बचें. अगर कोई अवैध बिक्री नजर आए तो तुरंत सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण या स्थानीय कृषि पदाधिकारी को सूचित करें.

कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने कहा कि विभाग किसानों के हित और सुरक्षित कृषि व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. नकली कीटनाशकों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा.

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