राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणाराजस्थान में नकली और घटिया खाद-बीज की बिक्री पर सख्ती दिखाते हुए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बुधवार को जोधपुर में बड़ी कार्रवाई की. उन्होंने नो मील स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की मूंगफली की खेप पकड़ी, जिसे बीज के नाम पर बेचने की तैयारी की जा रही थी.
मंत्री ने मौके पर बताया कि यह मूंगफली मंडियों से खरीदी गई थी और इसे अवैध रूप से भंडारित कर बीज के रूप में बाजार में उतारने की योजना थी. उन्होंने साफ कहा कि यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित बीज नहीं है, बल्कि सामान्य और घटिया क्वालिटी की मूंगफली है, जो किसानों के लिए पूरी तरह अनुपयोगी हो सकती है.
जांच के दौरान सामने आया कि यह माल गुजरात की मैसर्स गजराज और ग्रीन गणेश नाम की फर्मों के नाम पर था. बिलों की पड़ताल में कई गड़बड़ियां सामने आईं—कुछ बिल बज्जू, कुछ नोखा और कुछ बीकानेर के नाम के पाए गए. मंत्री ने सवाल उठाया कि यदि माल का परिवहन एक जगह से दूसरी जगह हुआ है, तो ई-वे बिल कहां है. इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया.
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह साफ संकेत मिलता है कि इस मूंगफली को बीज बताकर किसानों को बेचा जाता, जिससे उनकी फसल को नुकसान हो सकता था. उन्होंने बताया कि नमूने लेकर लैब में जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और सीड एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा. अवैध भंडारण की अनुमति नहीं होने के बावजूद माल रखने को गंभीर अपराध बताया गया है.
मंत्री ने जानकारी दी कि असली बीज तैयार करने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है. इसमें पहले वैज्ञानिक ब्रीडर सीड तैयार करते हैं, जिसे किसान को दिया जाता है. किसान उसे उगाकर जो उत्पादन देता है, वही सर्टिफाइड बीज के रूप में फिर से किसानों को सप्लाई किया जाता है जबकि यहां पकड़ी गई मूंगफली इस प्रक्रिया से नहीं गुजरी थी.
इसके अलावा मंत्री ने बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र में एक और फैक्ट्री पर छापा मारा. पहले छापे की सूचना मिलते ही फैक्ट्री संचालक कार्यालय पर ताला लगाकर फरार हो गया. यहां भी बड़ी मात्रा में बाजार से खरीदी गई मूंगफली को बीज के रूप में पैक कर बेचने की तैयारी थी. मंत्री ने बताया कि वहां रखी मूंगफली बेहद खराब क्वालिटी की थी और उसमें फंगस तक लगा हुआ मिला.
उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह का बीज उपयोग करने से किसानों को अधिक कीटनाशकों का इस्तेमाल करना पड़ेगा, जिससे लागत बढ़ेगी और स्वास्थ्य पर भी खतरा हो सकता है. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इन उत्पादों को आकर्षक पैकिंग में बेचकर किसानों को धोखा दिया जा रहा था, जबकि बीज के नाम पर GST से भी बचने की कोशिश की जा रही थी.
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में नकली बीज और खाद बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.(अशोक कुमार शर्मा का इनपुट)
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