
राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा कस्बे में खाद संकट को लेकर किसानों के धरने और बढ़ते आक्रोश के बाद प्रशासन ने वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है. पुलिस प्रशासन और कृषि विभाग के बीच हुई बातचीत के बाद शुक्रवार से कस्बे के खेल मैदान में खाद के टोकन बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, पारदर्शिता और किसानों को व्यवस्थित तरीके से खाद उपलब्ध कराना है.
खाद की कमी का असर वितरण स्थल पर साफ दिखाई दिया. खेल मैदान में सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए और टोकन लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए. कई किसान सुबह जल्दी पहुंच गए ताकि उन्हें खाद मिल सके. सीमित मात्रा में खाद उपलब्ध होने के कारण किसानों में जल्द टोकन लेने की होड़ भी देखी गई. महिला किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उनके लिए अलग कतार की व्यवस्था की है.
कृषि विभाग के सहायक निदेशक चौथमल मीणा के अनुसार, शुक्रवार को कुल 2800 बैग खाद उपलब्ध कराई गई है. इसी आधार पर 1400 टोकन जारी किए जा रहे हैं. प्रत्येक किसान को अधिकतम दो बैग खाद देने का नियम तय किया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक आपूर्ति पहुंच सके.
प्रशासन ने वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और कालाबाजारी रोकने के लिए दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य किया है. किसानों को आधार कार्ड और जमीन की नकल जमाबंदी साथ लानी होगी. सत्यापन के बाद टोकन दिया जाएगा और किसान संबंधित वितरण केंद्र पर जाकर खाद हासिल कर सकेंगे. हालांकि, सीमित उपलब्धता के कारण किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम ने करवट ली और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिलीं. सबसे अधिक 85 मिमी बारिश श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई.
वहीं, तापमान के मोर्चे पर श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दूसरी ओर, न्यूनतम तापमान सबसे ज्यादा 30.2 डिग्री सेल्सियस फलोदी और जालौर में रिकॉर्ड किया गया. इससे कई क्षेत्रों में गर्मी से कुछ राहत महसूस की गई, हालांकि मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
(राम प्रसाद मेहता की रिपोर्ट)