
सूखे की मार झेल रहे झारखंड के किसानों को इस साल राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं. इसके तहत राज्य के किसानों को समय से बीज, खाद उपलब्ध कराई जा रही है और योजनाओं के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी जिले के पदाधिकारियों पर है. झारखंड में बीज वितरण कार्यक्रम के ऑनलाइन शुभारंभ के दौरान सभी जिले के कृषि पदाधिकारियों और जिला सहकारिता पदाधिकारियों को संबोधित झारखंड के कृषि मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं को सफल बनाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है. उन्होंने कहा कि बीज वितरण में लैंप्स पैक्स, स्वयं सहायता समूह की सहभागिता सुनिश्चित होनी चाहिए और गांव के अंतिम किसान तक कृषि योजना का लाभ पहुंचे, इसके लिए काम करने की जरूरत है.
बादल पत्रलेख ने कहा कि इस वर्ष भी बीज का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ ब्लॉक चेन तकनीक से किया जाएगा और माइक्रो लेवल पर बीज वितरण की मॉनिटरिंग की जाएगी. उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि बीज वितरण का कार्यक्रम जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों या उनके प्रतिनिधि के नेतृत्व में प्रखंड स्तर पर आयोजित किया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को बीज समय पर मिले. उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर किसानों को अपने पैर पर खड़ा करने का काम सरकार कर रही है और इसके सफल कार्यान्वयन में आपकी समर्पण भावना का होना अत्यंत जरुरी है.
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर बीज मिले इसके लिए 16100 क्विंटल बीज आपूर्ति हेतु आदेश निर्गत किए जा चुके हैं जिनमें 12,000 क्विंटल धान बीज, 2800 क्विंटल मक्का, 300 क्विंटल मडुआ बीज और एक हजार क्विंटल मुंग बीज शामिल हैं। पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम,सरायकेला, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज में रोहिणी नक्षत्र में धान की जल्दी बुआइ की जाती है, इसके लिए इन जिलों में प्राथमिकता के आधार पर 10,250 क्विंटल धान बीज की आपूर्ति हेतु आदेश निर्गत किया जा चुका है साथ ही, आगामी दिनों में भी विभिन्न फसलों के अतिरिक्त करीब 50,000 क्विंटल विभिन्न फसलों के बीज जिलों को वितरण हेतु आवंटित किए जाएंगे.
राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने 12 लाख किसानों को 3500 रुपये प्रति किसान मुख्यमंत्री फसल राहत योजना के तहत मुहैया कराया है साथ ही पांच लाख किसानों का सरकार ने लोन माफ किया है. वहीं चतरा जिले के कान्हा चट्टी प्रखंड के उदय दांगी ने कहा कि कृषि विभाग के मदद से महज 2 वर्षों में ही उन्होंने कहा कि 25 साल में जो कुछ नहीं मिला था वह आज मिल गया, आज अपने साथ कई किसानों को भी आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.
कृषि मंत्री श्री बादल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान गोड्डा, गिरिडीह समेत कई जिला के किसानों से भी बात की और कृषि की योजनाओं से जुड़े सुझाव भी मांगे. इस दौरान कई किसानों ने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री फसल बीमा योजना, ऋण माफी योजना का लाभ मिला है और सरकार द्वारा समय पर बीज और खाद उपलब्ध कराया जा रहा है. गोड्डा के किसानों को सांकेतिक तौर पर ऑनलाइन बीज का वितरण किया गया. कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि कृषि के विकास के लिए डीएमएफटी सहित जिला में उपलब्ध विभिन्न योजनाओं के साथ कन्वर्जन करें, किसानों का समग्र विकास हो सके. उन्होंने कहा कि समय पर किसान को बीज उपलब्ध हों,इस पर विभाग का फोकस है और सभी जिला कृषि पदाधिकारी और जिला सहकारिता पदाधिकारी की यह जवाबदेही है कि समय पर बीज और खाद की मांग करें, उसकी आपूर्ति सुनिश्चित हो तथा समय पर लैंप्स और पैक्स तक डिलीवरी हो.