बिहार में यूरिया की कोई कमी नहीं, सही इस्तेमाल पर दें जोर: कृषि निदेशक

बिहार में यूरिया की कोई कमी नहीं, सही इस्तेमाल पर दें जोर: कृषि निदेशक

कृषि निदेशक ने बताया कि बिहार में 2.84 लाख टन यूरिया उपलब्ध है. खादों की सही बिक्री, वैकल्पिक उर्वरक के उपयोग और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए गए.

Bihar Agriculture DepartmentBihar Agriculture Department
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Apr 13, 2026,
  • Updated Apr 13, 2026, 7:49 PM IST

बिहार के कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को कृषि भवन, मीठापुर में बिहार के सभी प्रमुख उर्वरक विक्रेताओं और उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई. बैठक में राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और नियंत्रण को लेकर अहम निर्देश दिए गए.

कृषि निदेशक ने बताया कि वर्तमान में बिहार में 2.84 लाख टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. जरूरत सिर्फ इसके सही और संतुलित उपयोग की है. उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया कि उर्वरकों की बिक्री पूरी जांच‑पड़ताल और किसानों की वास्तविक जरूरत के अनुसार ही करें.

उन्होंने कहा कि किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के प्रयोग के लिए भी प्रेरित किया जाए, ताकि यूरिया और अन्य रासायनिक उर्वरकों पर अनावश्यक निर्भरता कम हो सके. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को उर्वरक सरकार द्वारा निर्धारित उचित मूल्य पर ही मिले.

कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी

कृषि निदेशक ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई थोक विक्रेता, दुकानदार या पदाधिकारी अनियमितता करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया.

बैठक में सभी उर्वरक आपूर्तिकर्ताओं और बनाने वाली कंपनियों को Freight on Rate (FOR) के आधार पर ही उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही उर्वरकों के साथ किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग न करने को भी कहा गया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में फसल का मौसम नहीं है, इसलिए राज्य और जिला स्तर पर उर्वरकों का उचित भंडारण और संरक्षण सुनिश्चित किया जाए.

बैठक में कई प्रतिनिधि शामिल

इस बैठक में बिहार के सभी जिलों से 5‑5 थोक उर्वरक विक्रेता और सभी प्रमुख उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

ईरान की लड़ाई और हार्मुज स्ट्रेट से सप्लाई में आने वाली बाधा को देखते हुए यह बैठक अहम मानी जा रही है क्योंकि आगामी खरीफ सीजन में खादों की सप्लाई कम होने की आशंका जताई जा रही है. इस बीच बिहार सरकार ने आश्वस्त किया है कि किसानों के लिए खादों की कमी नहीं होने दी जाएगी.

MORE NEWS

Read more!