सक्ती में उर्वरक माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: 3.87 टन यूरिया जब्त, किसानों के हित में प्रशासन सख्त

सक्ती में उर्वरक माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: 3.87 टन यूरिया जब्त, किसानों के हित में प्रशासन सख्त

सक्ती जिले के ग्राम केसला में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 3.87 टन (86 बोरी) यूरिया उर्वरक जब्त किया है.किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है.

धर्मेंद्र सिंह
  • Raipur ,
  • Jun 09, 2026,
  • Updated Jun 09, 2026, 5:05 PM IST

खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सक्ती जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने अवैध उर्वरक भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. कृषि विभाग की टीम ने विकासखंड सक्ती के ग्राम केसला में छापामार कार्रवाई करते हुए 3.87 टन (86 बोरी) यूरिया उर्वरक जब्त किया है.साथ ही संबंधित उर्वरक के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

कृषि विभाग को प्राप्त शिकायत के आधार पर जिला एवं विकासखंड स्तरीय निगरानी दल ने ग्राम केसला स्थित एक निजी भवन का निरीक्षण किया. जांच के दौरान भवन में बड़ी मात्रा में यूरिया उर्वरक का भंडारण पाया गया. दस्तावेजों और मौके पर की गई पड़ताल में यह उर्वरक मेसर्स मयंक ट्रेडर्स की प्रोपराइटर उमा राठौर द्वारा भंडारित कराया जाना पाया गया.

कार्रवाई के दौरान फर्म के प्रतिनिधि की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया पूरी की गई और जब्त किए गए उर्वरक को नियमानुसार सुपुर्दगी में रखा गया. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

किसानों को राहत देने के लिए चल रहा विशेष अभियान

कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में उर्वरकों की मांग बढ़ने के साथ ही कालाबाजारी और अवैध भंडारण की शिकायतें भी सामने आती हैं. ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जिलेभर में विशेष निगरानी अभियान संचालित किया जा रहा है. विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक सक्ती, डभरा और जैजैपुर विकासखंडों में अब तक सात मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है।

अधिकारियों का कहना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध हो सके, इसके लिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों और भंडारणकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

किसानों से सहयोग की अपील

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली, कृत्रिम कमी पैदा करने या अवैध भंडारण की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम कृषि कार्यालय या संबंधित अधिकारियों को दें. किसानों की सूचना के आधार पर त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

प्रशासन का मानना है कि किसानों और विभाग के संयुक्त प्रयासों से ही उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है तथा कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है. खरीफ सीजन में किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. 

 

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