
बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों में उर्वरकों को लेकर किसान सोसाइटी से लेकर दुकानों के सामने लंबी लाइन में खड़े आए दिन देखने को मिलते हैं . वहीं, दूसरी ओर बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और कालाबाजारी करने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है. उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की. वहीं, किसानों को उर्वरक हासिल करने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसको लेकर विभाग की ओर से हेल्पलाइन नंबर और वॉट्सऐप नंबर जारी किया गया है.
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर विभाग लगातार निगरानी रखे हुए है. उर्वरकों को लेकर भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे उर्वरक खरीदते समय रसीद जरूर लें. अगर कोई विक्रेता ज्यादा दाम ले या घटिया माल दे, तो तुरंत जिला कृषि पदाधिकारी, हेल्पलाइन 0612-2233555 या वॉट्सऐप नंबर- 7766085888 पर शिकायत कर सकते हैं.
आगे उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा. खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर, पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक है. 10 जुलाई 2026 तक राज्य में सरकार के पास यूरिया: 4.33 लाख मीट्रिक टन, डीएपी: 1.43 लाख मीट्रिक टन, एनपीके: 2.52 लाख मीट्रिक टन, एमओपी: 0.69 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी: 1.26 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्य के किसी भी जिले में उर्वरक की कमी नहीं है. विभाग ने सीमावर्ती जिलों में विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया है, ताकि अवैध परिवहन और कालाबाजारी रोकी जा सके.
कृषि मंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि अगर कोई अधिकारी या विक्रेता उर्वरकों को लेकर किसानों से किसी तरह की रिश्वत या पैसों की मांग करता है तो ऐसे अधिकारी या दुकानदार को छोड़ा नहीं जाएगा. किसानों की मेहनत से अगर कोई खिलवाड़ करता है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि खरीफ सीजन में उर्वरकों की समय पर और सही कीमत पर उपलब्धता सुनिश्चित करना हम सबकी प्राथमिकता है. वहीं, उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें. सरकार उनके साथ खड़ी है.