
असम सरकार ने आज वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया. राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने विधानसभा में बजट पेश किया. वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि को अधिक लाभकारी बनाने पर भी काम किया जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं को आगे भी जारी रखेगी. इसके तहत धान, मक्का और सरसों की सरकारी खरीद से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ डेयरी क्षेत्र के लिए सब्सिडी और चाय बागानों में काम करने वाली गर्भवती महिला श्रमिकों के लिए सहायता योजनाओं का भी विस्तार किया जाएगा.
वित्त मंत्री बरुआ ने कहा कि असम को ऐसी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने की योजना है, जहां बाढ़ जैसी चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़े, पारंपरिक कृषि से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन हो और किसानों के लिए नए अवसर तैयार किए जाएं. सरकार का उद्देश्य उद्योग, उद्यमिता और डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ कृषि क्षेत्र को भी मजबूत करना है.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य की चाय बागान हितैषी नीतियों का असर उत्पादन पर दिखाई दिया है. पिछले चार वर्षों में पारंपरिक चाय का उत्पादन बढ़कर 8 करोड़ किलोग्राम तक पहुंच गया है. सरकार अब उत्पादन प्रोत्साहन राशि (सब्सिडी) बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किलोग्राम करने और निर्यात पर 3 रुपये प्रति किलोग्राम का अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की तैयारी कर रही है, ताकि चाय उद्योग को वैश्विक बाजार में और मजबूती मिल सके.
बजट पेश करते हुए जयंत मल्ल बरुआ ने कहा कि पिछले एक दशक में असम ने अस्थिरता से विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखा है. अब सरकार का लक्ष्य ज्ञान आधारित, समावेशी और उत्पादक अर्थव्यवस्था तैयार करना है. उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र घाटी, बराक घाटी, पहाड़ी क्षेत्रों और चाय बागानों सहित राज्य के सभी हिस्सों को विकास की प्रक्रिया में समान भागीदारी मिलेगी.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार अगले पांच वर्षों में 'असोम माला 4.0' कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसके तहत करीब 800 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों की पहुंच बाजारों और अन्य सुविधाओं तक बेहतर होने की उम्मीद है. (एएनआई)