
ओडिशा के किसानों के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत आने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर मैनेजमेंट (IIWM), भुवनेश्वर ने मौसम आधारित कृषि परामर्श (एग्री एडवाइजरी) जारी किया है. संस्थान के अनुसार 13 अगस्त 2026 तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, इसलिए किसानों को फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.
एडवाइजरी के अनुसार, 6 अगस्त तक राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन कुल बारिश की गतिविधि सामान्य से कम रहने की संभावना है. वहीं 7 से 13 अगस्त के बीच भी ओडिशा के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की कमी बनी रह सकती है. हालांकि दक्षिण आंतरिक और तटीय ओडिशा के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है.
आईसीएआर ने धान की खेती करने वाले किसानों को खेतों में जलभराव रोकने के लिए बेहतर जल निकासी व्यवस्था रखने की सलाह दी है.
मूंग और उड़द की खेती करने वाले किसानों को बीज उपचार करने की सलाह दी गई है.
भिंडी और बैंगन की खेती करने वाले किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है.
संस्थान ने केले, पपीते, बेलदार सब्जियों और अन्य बागवानी फसलों को बारिश और तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा (स्टेकिंग) देने की सलाह दी है. साथ ही बगीचों, नर्सरियों और निचले इलाकों में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है.
गन्ने की फसल में सूखे की स्थिति बनने पर फरो सिंचाई या ड्रिप सिंचाई का उपयोग करने की सलाह दी गई है. विशेषज्ञों ने कहा है कि खेत में पानी जमा न होने दें और निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखें.
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम के बदलते रुख को देखते हुए किसान नियमित रूप से स्थानीय मौसम अपडेट और कृषि विभाग की सलाह पर नजर रखें, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके और उत्पादन पर असर न पड़े.